रिश्तेदार की हत्या कर जर्मन पत्रकार को घर-घर तलाश रहे हैं तालिबानी

20 अगस्त, 2021
DW पत्रकार के रिश्तेदार की तालिबानी आतंकियों ने की हत्या

इस्लामी आतंकी संगठन तालिबान, अफगानिस्तान पर कब्ज़ा करने के बाद देश और विदेश के सभी बड़े मीडिया संस्थाओं के पत्रकारों और उनके सगे-संबंधियों को अपना निशाना बना रहा है।

हाल ही में चर्चित संस्था DW के पत्रकार की तलाश में तालिबानी आतंकियों ने उसके एक रिश्तेदार को मौत के घाट उतार दिया एवं एक अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया है। बता दें कि तालिबान इस पत्रकार की तलाश घर-घर घूमकर कर रहा है, जबकि वह पत्रकार अब जर्मनी में कार्यरत है। 

अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्ज़ा होने के बाद से ही यह आतंकी संगठन चुन-चुन कर सरकारी अधिकारियों के बाद अब मीडिया वालों को भी अपना निशाना बना रहा है। रेडियो स्टेशन मैनेजर की हत्या एवं एक पत्रकार का अपहरण करने के बाद अब तालिबानी घूम-घूम कर शिकारियों की भाँति पत्रकारों का नरसंहार करने पर उतर आए हैं। 

DW न्यूज़ के पत्रकार के एक परिवार वाले को तालिबान द्वारा मार दिया गया एवं अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस पत्रकार के बाकी रिश्तेदार समय रहते भागने में सफल रहे और अब भी इन आतंकियों से भागने को मजबूर हैं।

DW न्यूज़ के डायरेक्टर जनरल ने इस बात की कड़ी निंदा की एवं जर्मन सरकार से इस विषय में कार्रवाई करने की माँग की है। बता दें कि यह मीडिया संस्था जर्मनी देश से ही संबंध रखती है।


मामले को लेकर DW डायरेक्टर जनरल पीटर लिंबोर्ग ने कहा:

“तालिबान द्वारा कल हमारे संपादकों में से एक के करीबी रिश्तेदार की हत्या कर दी गई। यह बेहद दुखद है और एक गंभीर खतरे की गवाही देता है। हमारे सभी कर्मचारी और उनके परिवार इसी खतरे के बीच हैं। यह तो स्पष्ट है कि तालिबान काबुल और अन्य प्रांतों में संगठित तौर पर कार्य करते हुए पत्रकारों की खोज कर रहा है। हमारे पास समय बहुत कम है।”

जर्मन जर्नलिस्ट एसोसिएशन इस मामले पर कार्रवाई करने को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है। अध्यक्ष फ्रैंक बैरल ने इस मामले में कहा कि उनके सहयोगियों को सताया जा रहा है। यहाँ तक कि उनकी हत्याएँ भी की जा रही हैं।

इस मामले में जर्मनी को आलस्य से छोड़कर खड़े होना चाहिए। बता दें कि तालिबान अब तक DW के 3 से अधिक पत्रकारों के घरों पर धावा बोल चुका है। 

रेडियो स्टेशन मैनेजर की हत्या

कुछ समय पहले एक खबर में यह सामने आया था कि तालिबानी आतंकियों ने 8 अगस्त को पकतिया घाग नामक रेडियो स्टेशन के मैनेजर तूफान ओमर की हत्या कर दी थी। इसके साथ ही एक अन्य वारदात में तालिबानियों ने दक्षिणी हेलमंड प्रांत से नेमतुल्लाह हेमत नामक एक स्थानीय पत्रकार को उसके घर से अगवा कर लिया था।

बता दें कि तालिबान द्वारा लगातार विदेशी पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। भारत के भी एक फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी को तालिबानी आतंकियों द्वारा गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था।



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