मुगल आतंकी औरंगजेब की जगह CDS बिपिन रावत के नाम पर हो रोड का नाम: ट्विटर पर छिड़ी बहस

11 दिसम्बर, 2021
ट्विटर पर उठी औरंगजेब लेन का नाम बदलकर दिवंगत बिपिन रावत के नाम पर रखने की माँग

हाल ही में हुए एक भीषण हेलीकॉप्टर क्रैश के हादसे में दिवंगत हुए भारत के पहले सीडीएस बिपिन रावत को लेकर जेएनयू के प्रोफेसर और वरिष्ठ बुद्धिजीवी आनंद रंगनाथन ने एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री से दिल्ली में स्थित इस्लामी आक्रांता औरंगजेब के नाम की एक सड़क को दिवंगत जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखने का आग्रह किया है। 

बुधवार (8 दिसंबर, 2021) को तमिलनाडु के कुन्नूर क्षेत्र में एक भीषण दुर्घटना हुई। इसमें वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार 14 में से 13 लोग वीरगति को प्राप्त हो गए।

इन 13 लोगों में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सेना के अधिकारी शामिल थे। देशभर ने नम आँखों से 10 दिसंबर, 2021 को इन सभी वीरों को श्रद्धांजलि दी और दिल्ली में इनका अंतिम संस्कार हुआ।

शनिवार (11 दिसंबर, 2021) को जेएनयू के प्रोफेसर और लेखक आनंद रंगनाथन ने एक ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री से एक महत्वपूर्ण माँग की, जिस पर उन्हें जनता का भी भारी सहयोग मिला।

रंगनाथन ने दिल्ली में स्थित औरंगज़ेब लेन को जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखने का अनुरोध करते हुए ट्वीट किया:

“दिल्ली के मध्य में आज भी एक औरंगज़ेब लेन मौजूद है, जिसका नाम उस नरसंहार करने वाले राक्षस के नाम पर रखा गया है जिसने 46 लाख हिंदुओं को मार डाला और सैकड़ों मंदिरों को नष्ट कर दिया था। भारत के प्रधानमंत्री से यह अनुरोध है कि अतिशीघ्र इस सड़क का नाम बदलकर जनरल बिपिन रावत लेन करा जाए।”

रंगनाथन के इस ट्वीट पर उन्हें जनता का भारी समर्थन प्राप्त हुआ। लोगों ने रंगनाथन के समर्थन में कई ट्वीट किए।


जनता ने किए समर्थन में ट्वीट 

लोगों ने लिखा कि सभी सड़कें हमारे उन नायकों के नाम पर होनी चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने संदेश छोड़कर गए हैं।


इसके साथ ही एक व्यक्ति ने लिखा कि यहाँ तो केवल एक सड़क की बात है, परंतु हमारे देश में महाराष्ट्र और बिहार में 2 बड़े शहर औरंगाबाद नाम से हैं। शिवसेना इसे 90 के दशक से संभाजीनगर कह कर बुला रही है, परंतु अब तक इसका नाम बदलने की ताकत कोई नहीं जुटा सका है।

एक व्यक्ति ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को टैग करते हुए यह भी लिखा कि बिहार में भी बख्तियारपुर जंक्शन है, जो कि इसी नरसंहार करने वाले राक्षस के नाम पर है। उसका नाम भी बदला जाए। 


आम लोगों के साथ-साथ कई बहुचर्चित हस्तियों ने भी इस मामले में रंगनाथन का समर्थन किया। पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से यह कदम उठाने की माँग की और कहा कि आज के दौर में भारत गलती से भी औरंगजेब को याद करे तो इससे खराब क्या हो सकता है?




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