हिंदुओं की देन है नफरत: जानिए मोहन भागवत के 'हिंदू-मुस्लिम एकता' वाले बयान पर ओवैसी ने और क्या कहा

05 जुलाई, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
ओवैसी ने मोहन भागवत के बयान पर हिन्दुओं के खिलाफ अपनी नफरत सामने रखी है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि ‘सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वो किसी भी धर्म के हों’। इस बीच उन्होने गाय के नाम पर लिंचिंग करने वालों को भी आड़े हाथों लिया।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ये बातें राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के एक कार्यक्रम में कहीं। वो रविवार (04 जुलाई, 2021) को गाज़ियाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के सलाहकार रह चुके डॉ ख्वाजा इफ्तिखार की पुस्तक ‘वैचारिक समन्वय-एक पहल’ का विमोचन करने पहुँचे थे।

40,000 साल से सभी भारतीयों का डीएनए एक

संघ प्रमुख ने राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कहा:

“40,000 वर्षों से भारत मे रहने वाले सभी लोगों का डीएनए एक है और ये बात मैं नहीं, विज्ञान कहता है। उन्होंने कहा कि हिन्दू-मुस्लिम एक हैं, इसलिए एकता की बात भ्रामक है, क्योंकि दोनों अलग हैं ही नहीं, बल्कि एक हैं।”

मोहन भागवत ने कहा कि जब किसी अल्पसंख्यक पर अत्याचार होता है तो इसके खिलाफ आवाज़ भी बहुसंख्यक ही उठाता है। उन्होने कहा, “तथाकथित अल्पसंख्यकों के मन में ये डर बैठाया गया है कि हिन्दू बहुसंख्यक देश में वो सुरक्षित नहीं हैं, इसके अलावा उनके मन में ये डर भरा गया है कि संघ उन्हें खा जाएगा।”

संघ प्रमुख ने कहा दुनिया के अन्य देशों में अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक के नाम पर भेदभाव होता होगा, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होता। यहाँ जो भी जैसे भी और जहाँ से भी आया है वो आज भी मौजूद है। उन्होंने मंच से लोगों की सम्बोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी इसे देश का संविधान देता है, इसलिए किसी को इसलिए डरने की आवश्यकता नहीं कि वो अल्पसंख्यक है।

संघ प्रमुख ने कहा, “हम एक लोकतांत्रिक देश मे रहते हैं और यहाँ सिर्फ अल्पसंख्यकों या बहुसंख्यकों का प्रभुत्व नहीं हो सकता, यहाँ सिर्फ भारतीयों का प्रभुत्व हो सकता है। भागवत ने कहा संघ राष्ट्र को सशक्त बनाने और समाज में सभी लोगों के कल्याण के लिए अपना कार्य जारी रखेगा।”

लिंचिंग करने वालों को मिले सजा

मॉब लिंचीग को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि भारत हिन्दू राष्ट्र है और गाय पूजनीय है, लेकिन गाय के नाम पर हत्या करने वाले लोग हिंदुत्व के खिलाफ जा रहे हैं। ऐसे लोग आततायी हैं और दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे इन मामलों की तहकीकात बिना भेदभाव के होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो दोषी हो उसको कड़ी सजा मिलनी चाहिए, इसका हमें कोई गम नहीं होगा।

संघ की ताकत किसी की पिटाई करने के लिए नहीं

संघ प्रमुख ने कहा कि उनके बयान को लेकर हिन्दू समाज के भीतर से दो तरह की प्रतिक्रियाँ आएँगी, एक कहेगा आपने सही कहा, दूसरा कहेगा आप भी भोले (सेकुलर) बन गए। भागवत ने कहा कि संघ पूरी तरह से हिंदुओं के विकास और उन्हें मजबूत करने के लिए तत्पर है, लेकिन ये मजबूती किसी को पीटने के लिए नहीं इस्तेमाल की जा सकती।

उन्होंने कहा:

“यदि कोई हिंदू कहता है कि किसी मुस्लिम को यहाँ नहीं रहना चाहिए तो ऐसा कहने से वह चर्चा में तो आ सकता है, लेकिन इसके बाद वो हिन्दू नहीं हो सकता। सभी भारतीय एक हैं और धर्म या पूजापद्धति के आधार पर उनको अलग नहीं किया जा सकता। हमारा आधार हमारी मातृभूमि है और हमें एक होकर भारत को विश्वगुरु बनाना है, यही दुनिया के हित मे हैं।”

ओवैसी ने कहा- कत्ल और कायरता हिंदुत्व का अटूट हिंसा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि ये नफरत हिंदुत्व की देन है।

सोमवार सुबह लगातार कई ट्वीट करते हुए अससुद्दीन ओवैसी ने लिखा कि भागवत कहना है कि लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व विरोधी हैं। इन अपराधियों को गाय और भैंस में फर्क नहीं पता होगा, लेकिन क़त्ल करने के लिए जुनैद, अखलाक, पहलू, रकबर, अलीमुद्दीन के नाम ही काफी थे।


ओवैसी ने कहा, “इस देश में नफरत हिंदुत्व की देन है और इन मुजरिमों को हिंदुत्ववादी सरकार का संरक्षण प्राप्त है तभी तो केंद्रीय मंत्री के हाथों अलीमुद्दीन के कातिलों का सम्मान किया जाता है और अखलाक के हत्यारे की लाश पर तिरंगा लगाया जाता है। कायरता, हिंसा और कत्ल करना गोडसे की हिंदुत्व वाली सोच का अटूट हिस्सा है, मुस्लिमों की लिंचिंग भी इसी सोच का नतीजा है।”





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