रोजगार, महिलाओं के लिए पॉजिटिव सोच के साथ लौटा है तालिबान: शाहिद अफरीदी

31 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
तालिबान के समर्थन में उतरे पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी

पाकिस्तान से आने वाला एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है। इसमें पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी इस्लामी आतंकी संगठन तालिबान की प्रशंसा करते देखे जा सकते हैं।

जहाँ एक ओर अफगानिस्तान पर आतंकी संगठन तालिबान के कब्ज़े के बाद से ही देशभर में अराजकता और भय का माहौल फैला हुआ है, वहीं अफगानिस्तान का पड़ोसी देश पाकिस्तान इस आतंकी संगठन के नाम के कसीदे पढ़ता देखा जा सकता है।

पाकिस्तान के कई वरिष्ठ नेता, यहाँ तक कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी तालिबान को लेकर कई चौंका देने वाले बयान दिए। इमरान खान ने कुछ दिनों पूर्व यह कहा था कि तालिबान के लोग कोई आतंकी नहीं बल्कि आम नागरिक हैं।

क्रिकेटर से देश के प्रधानमंत्री बने इमरान खान के बाद एक अन्य पूर्व क्रिकेटर भी शायद पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आज़म बनने के सपने देख रहे हैं एवं बेहूदा बयानबाज़ी कर रहे हैं। यह क्रिकेटर कोई और नहीं बल्कि कश्मीर मामले में भी विवादित बयान देने वाले शाहिद अफरीदी हैं।

शाहिद अफरीदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता देखा गया। इसमें अफरीदी तालिबान की तारीफें करते एवं उसे नया तालिबान बताते देखे गए। अफरीदी ने वीडियो में कहा:

“तालिबान इस बार जो वापस आए हैं, वे एक पॉज़िटिव माइंड के साथ आए हैं। यह चीज हमें पहली नज़र नहीं आई और अब माशाअल्लाह यह चीज़ बड़ी ज़बरदस्त पॉसिबिलिटी की तरह नज़र आ रही है, जैसे महिलाओं को काम करने की इजाज़त है, साथ ही पॉलिटिक्स और बाकी जॉब्स करने की भी इजाज़त है। साथ ही तालिबानी क्रिकेट को भी सपोर्ट कर रहे हैं, मैं यह समझता हूँ कि तालिबान क्रिकेट को बहुत ज़्यादा पसंद करता है।”


बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब शाहिद अफरीदी द्वारा इस प्रकार बेहूदा बयानबाज़ी की गई है। कुछ समय पूर्व कश्मीर को लेकर भी इस पूर्व क्रिकेटर ने कई विवादित बयान दिए थे, जिस पर इसकी अच्छी खासी आलोचना हुई थी।

महिलाओं की तस्करी कर रहा तालिबान 

जहाँ एक ओर शाहिद अफरीदी जैसे लोग तालिबान को सकारात्मक दृष्टि में दिखाने का संपूर्ण प्रयास कर रहे हैं, वहीं तालिबान द्वारा महिलाओं और आम नागरिकों के भी अधिकारों का पूरी तरह से हनन किया जा रहा है। तालिबान ने अपने इरादे महिलाओं के प्रति तो पहले ही साफ कर दिए थे, जब इस समूह ने अफगानिस्तान पर शरिया क़ानून लागू करने का ऐलान किया था।

इसके साथ ही विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि तालिबान के कब्ज़े के बाद से ही अफगानिस्तान से भारी मात्रा में अफगानी महिलाओं की आस-पास के देशों में तस्करी की जा रही है।

एक अन्य मामला यह भी सामने आया था कि तालिबानियों द्वारा एक महिला को केवल इसलिए जलाकर मार दिया गया क्योंकि उसका बनाया खाना इन आतंकियों को पसंद नहीं आया था।

अगली बारी पाक की?

पिछले कुछ दिनों में घटी घटनाओं से यह भी प्रतीत होता है कि अफगानिस्तान को बर्बाद करने के बाद इस आतंकी संगठन का अगला निशाना पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ही होगा। तालिबानी राज के आने के कुछ दिनों बाद ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के जामिया हफ्सा मदरसे पर तालिबानी झंडे लहराते हुए देखे गए थे।

पाकिस्तानी आवाम को अब यह सोचने की आवश्यकता है कि कहीं उनके नेताओं और खिलाड़ियों के मूर्खतापूर्ण बयान उनके देश को भी न ले डूबें।



सहयोग करें
वामपंथी मीडिया तगड़ी फ़ंडिंग के बल पर झूठी खबरें और नैरेटिव फैलाता रहता है। इस प्रपंच और सतत चल रहे प्रॉपगैंडा का जवाब उसी भाषा और शैली में देने के लिए हमें आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं:

ताज़ा समाचार