बांग्लादेश: काली मंदिर पर हमला, प्रतिमाएँ खंडित, मौलाना ने फैलाया था हिन्दुओं के खिलाफ जहर

23 जून, 2021
बांग्लादेश के ठाकुरगाँव ज़िले में मंदिर पर हमला, खंडित की प्रतिमाएँ

बांग्लादेश में एक बार फिर हिन्दू मंदिर पर हमले की घटना सामने आई है। यह पिछले एक माह में बांग्लादेश में किसी हिंदू मंदिरों में की गई तोड़फोड़ की तीसरी घटना है।

बांग्लादेश के ठाकुरगाँव ज़िले में एक हिंदू मंदिर पर अज्ञात उपद्रवियों द्वारा हमला किया गया। पीरगंज उप ज़िले में आने वाले तेतुलतला गाँव में रविवार (20 जून, 2021) की रात शमशान काली के मंदिर पर आक्रमण किया गया।

मंदिर में उपद्रव मचाया गया तथा माँ काली की प्रतिमा एवं अन्य धार्मिक चिन्हों को भी खंडित किया गया। खंडित मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी देखी जा सकती हैं।

मंदिर में खंडित की गईं प्रतिमाएँ



मजहबी कट्टरपंथियों की हरकत

क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने इस अभद्र उपद्रव के लिए मजहबी कट्टरपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है। स्थानीय लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि लंबे समय से क्षेत्र में कट्टरपंथी मौलाना हिंदुओं के विरुद्ध ज़हर फैला रहे हैं।

घटना 20 जून की है तथा अब तक आरोपितों की किसी प्रकार की पहचान या गिरफ्तारी होने को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की स्थिति पहले से ही कुछ विशेष अच्छी नहीं है और इस प्रकार के धार्मिक स्थलों पर हमले हिंदुओं के बीच और अधिक भय का माहौल पैदा कर देते हैं। 

बांग्लादेश में मंदिरों पर हो रहे हैं निरंतर हमले

बांग्लादेश में इस प्रकार हिंदू धार्मिक स्थलों पर आक्रमण कोई नया विषय नहीं हैं। पिछले एक माह में यह इस प्रकार के उपद्रव की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 2 जून, 2021 को दौलतपुर स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में स्थानीय हिंदुओं के कीर्तन के दौरान अचानक आक्रोशित कट्टरपंथियों की भीड़ ने मंदिर पर हमला कर दिया था। भीड़ ने लोगों की पिटाई की तथा मंदिर की मूर्तियों एवं अन्य सामान के साथ भी तोड़फोड़ की। 

इससे पहले 30 मई, 2021 को दो ऐसी घटनाएँ हुईं थीं, जिनमें मंदिरों को क्षति पहुँचाई गई। पहली घटना आगामारा गाँव की है, जहाँ माँ काली की प्रतिमा को विखंडित कर सड़क पर फेंक दिया गया तथा दूसरी समान घटना में मुक्तापुर गाँव में मंदिर पर हमला कर माँ सरस्वती की प्रतिमा को तोड़कर फेंक दिया गया।

इससे कुछ समय पूर्व भी 24 मई को चंदनपुर ज़िले के हाजीगंज गाँव में श्री राज लक्ष्मी नारायण मंदिर पर भी आक्रमण कर मंदिर की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ हुई थी तथा पथराव भी किया गया था।


बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय तथा उनके धार्मिक स्थलों पर बढ़ रहे इस प्रकार के हमलों को लेकर प्रशासन भी नरम रुख अपनाए नजर आता है। इन मामलों में लंबे समय तक न तो कोई कार्रवाई और ना ही गिरफ्तारियाँ की जाती हैं।



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