त्रिपुरा: BSF पर उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर हमला, 2 जवान वीरगति को प्राप्त

03 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
सब इंस्पेक्टर भूरू सिंह और कॉन्स्टेबल राज कुमार

त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एनएलएफटी (विश्व मोहन गुट) (National Liberation Front of Tripura’s Biswamohan faction) उग्रवादियों द्वारा मंगलवार (03 अगस्त, 2021) को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के गश्ती दल पर घात लगाकर हमला किया गया।

75वें स्वतंत्रता दिवस से पहले हुए इस हमले में सीमा सुरक्षा बल के दो जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। जवानों पर करीब 10 हथियारबंद उग्रवादियों ने मिलकर हमला किया।

उल्लेखनीय है कि इसी उग्रवादी संगठन द्वारा वर्ष 2000 में आरएसएस के 4 प्रचारकों का अपहरण कर चटगाँव पहाड़ी इलाके में उनकी हत्या कर दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल ने बताया कि राज्य के धलाई जिले में सुबह करीब 6.30 बजे घात लगाकर हमला किया गया और जान गँवाने वालों में सुरक्षाबल के एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना सुबह-सुबह बीएसएफ के जवान सीमा की बाड़ की जाँच करते हैं। मंगलवार सुबह जब जवान फेंसिंग के पास पहुँचे तो उग्रवादियों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया।

इसके बाद, घात लगाकर किए गए हमले की जवाबी कार्रवाई आरसी नाथ सीमा चौकी के पास हुई। यह इलाका पानीसागर सेक्टर में जिले के चावमानू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

बता दें कि धलाई जिला राज्य की राजधानी अगरतला से लगभग 94 किमी दूर है और यह उत्तरी और दक्षिणी किनारों पर बांग्लादेश की सीमा में है। कुल 4,096 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा में से त्रिपुरा 856 किलोमीटर सीमा साझा करता है।

घटना की जानकारी देते हुए बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, “भीषण मुठभेड़ के दौरान सब इंस्पेक्टर भूरू सिंह और कांस्टेबल राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और अपनी जान गँवा दी। मौके पर कुछ खून के निशाँ मिले हैं, जिससे पुष्टि हुई कि जवाबी कार्रवाई में उग्रवादियों को कुछ चोटें आई हैं।”

प्रवक्ता ने कहा कि उग्रवादियों को पकड़ने के लिए इलाके में बड़े पैमाने पर’ तलाशी अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे दोनों बलिदानी जवान बहादुरी से लड़े। अधिकारियों ने बताया कि दोनों बलिदानी सैनिकों के हथियार उग्रवादियों ने छीन लिए थे।



सहयोग करें
वामपंथी मीडिया तगड़ी फ़ंडिंग के बल पर झूठी खबरें और नैरेटिव फैलाता रहता है। इस प्रपंच और सतत चल रहे प्रॉपगैंडा का जवाब उसी भाषा और शैली में देने के लिए हमें आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं:

ताज़ा समाचार