भारत आ रहे 140 सिखों को तालिबान ने एयरपोर्ट से लौटाया, कहा- अब बस 'विदेशी' ही जाएँगे

26 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
140 अफगान सिख भारत में गुरु तेग बहादुर की जयंती में शामिल होने आ रहे थे

अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों ने सिखों के एक जत्थे को काबुल एयरपोर्ट पर विमान में चढ़ने से रोक दिया है। सिखों का यह जत्था इस साल के अंत मे होने वाले गुरु तेगबहादुर जी की 400वीं जयंती समारोह के लिए भारत आ रहा था।

खबर के अनुसार, घटना तब हुई जब भारतीय वायुसेना का विमान अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को लेने काबुल पहुँचा था। इस दौरान तालिबानी आतंकियों ने काबुल एयरपोर्ट पर अफगान सिखों को विमान में सवार होने से रोक दिया और उन्हें एयरपोर्ट से बाहर कर दिया।

खबरों के अनुसार तालिबान ने कहा है कि चूँकि वे अफगान हैं, इसलिए उन्हें एयरपोर्ट से वापस अपने घर जाना चाहिए। इससे पहले भी भारत आ रहे 80 लोगों के जत्थे को तालिबानी आतंकियों ने IAF के विमान में सवार होने से रोक दिया था।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबानी आतंकियों ने 80 में से 76 लोगों को भारतीय वायुसेना के विमान में चढ़ने से रोक दिया था, जिसके बाद जत्था वापस काबुल में गुरुद्वारा दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी करता परवान लौट गया था।

अफ़ग़ान सिखों और हिंदुओं का यह पहला जत्था था जो शुक्रवार से काबुल एयरपोर्ट पर इंतजार कर रहा था। ये लोग 12 घंटे से अधिक समय से हवाई अड्डे के बाहर इंतजार कर रहे थे। भारतीय वायुसेना के विमान से कुल 80 हिन्दुओं और सिंखों का जत्था जाने वाला था, लेकिन 72 लोगों को वापस लौट दिया गया था।

विश्व पंजाबी संगठन (WPO) के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा है कि अब अफगान सिखों को निकालने का एकमात्र तरीका यही है कि तालिबान को बताना होगा कि सिखों को इस साल के अंत में गुरु तेग बहादुर जी की 400 वीं जयंती समारोह के लिए भारत में शामिल होना है। सिख नेताओं ने तालिबान से अपील की है वो सिखों के समारोह में शामिल होने के लिए भारत आने की इजाज़त दे।

तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि वे अब अफगानों को निकालने की अनुमति नहीं देंगे, अब सिर्फ विदेशी ही देश छोड़ सकते हैं। अफगान सिखों को श्री गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती के लिए आज दिल्ली पहुँचना था। रविवार को कीर्तन दरबार आयोजित किया जाना तय है।

श्री अर्जुन देव गुरुद्वारे के अफगान मूल के अध्यक्ष प्रताप सिंह ने दुःख जताते हुए कहा, “दुनिया के विभिन्न हिस्सों से हमारे समुदाय के कई सदस्य इसमें शामिल होने के लिए आ चुके हैं। दुर्भाग्य से, तालिबान ने उन्हें काबुल हवाई अड्डे तक पहुँचने के बावजूद भारत आने से वंचित कर दिया।”

गुरुद्वारा गुरु नानक साहिब जी, विकासपुरी के अफगान मूल के अध्यक्ष गुलजीत सिंह ने कहा, “यह काफी दुःख पहुँचाने वाली खबर है। सिख तीर्थ यात्रियों के काफिले को तालिबान सुरक्षाबलों द्वारा हवाई अड्डे से 15 घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद वापस कर दिया गया।”

सुरक्षा का भरोसा नहीं दिया, सरकारी हथियार लेने गुरुद्वारे आए थे तालिबान आतंकी

तालिबान के अफगानिस्तान में कब्जे के बाद से अब तक कई अफगान सिखों ने समूह ने काबुल के करता परवन गुरुद्वारे में शरण ली है। पिछले दिनों सिख संगठनों की ओर से ये दावा किया गया था कि तालिबान नेताओं ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है।

गुरुद्वारे में तालिबान कमांडरों के पहुँचने और वहाँ के सिख समुदाय के साथ मीटिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ था। दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी के चेयरमैन और अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने तब कहा था:

“तालिबान के कमांडर गुरुद्वारे पहुँचे थे और वहाँ लोगों से लंबी चर्चा की। उन्होंने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया, लेकिन हमारे लोग बहुत डरे हुए हैं, दहशत में हैं। वे निश्चित तौर पर भारत या किसी अन्य देश जाना चाहते हैं क्योंकि जब तक वहाँ तालिबान का शासन है, वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते।”

लेकिन गुरुद्वारे में फँसे एक युवक ने गुरुद्वारे में तालिबान कमांडरों से मीटिंग और सुरक्षा सम्बन्धी आश्वासन देने से जुड़ी खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि वे (तालिबानी कमांडर) यहाँ सरकारी असलहा और गाड़ी लेने आए थे, जो गुरुद्वारा को अफगानिस्तान सरकार की तरफ से मिले थे।

‘टाइम्स नाउ’ से फोन पर बातचीत में सिख युवक से तालिबान के साथ वहाँ हुई मीटिंग के बारे में पूछा गया तो उसने बताया, “वे सरकारी असलहा और गाड़ियाँ लेने आए थे। तालिबान कमांडर गुरुद्वारे में बस 5 मिनट रुके थे। तालिबान लड़ाकों ने हमसे कहा कि फिलहाल हम आपको कुछ नहीं कह रहे, आप अंदर ही रहिए।”



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