मस्जिदों, कुरान की किताबों के साथ तालिबान ने हजारा समुदाय का गाँव किया आग के हवाले #VIDEO

02 नवम्बर, 2021
तालिबानियों ने आग के हवाले किया पूरा गाँव, कुरान और मस्जिद भी जलाई

अफगानिस्तान में शासन स्थापित करने के बाद से तालिबान निरंतर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। हाल ही में आई एक खबर में यह पता चला कि तालिबान ने हज़ारा समुदाय के एक पूरे गाँव को आग लगा दी।

सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर शेयर किए जा रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि तालिबान ने उस क्षेत्र में मस्जिदों और अपने मजहब की पाक किताब कुरान को भी नहीं बख्शा और उन्हें भी आग के हवाले कर दिया।

15 अगस्त, 2021 को इस्लामी आतंकी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को अपने कब्ज़े में लेकर पूरे देश में शासन स्थापित कर दिया। 31 अगस्त, 2021 को लगभग 20 वर्षों से अफगानिस्तान में बैठी अमेरिकी सेना भी अफ़ग़ानियों को इन बर्बर आतंकियों के हाथों में छोड़ कर चली गई। इसके बाद से ही पूरे अफगानिस्तान में इस्लामी आतंक जारी है।

महिलाओं की हत्याएँ और उनकी तस्करी जैसे भी मामले सामने आए हैं। जहाँ एक ओर तालिबानी शरिया स्थापित कर पूरे मुल्क में आतंकी राज लाने में लगे हैं, वहीं मजबूर अफगानी अपने ही देश में छिपकर जीवन बिताने को विवश है।

सोशल मीडिया पर मानवाधिकार कार्यकर्ता (ट्विटर अकाउंट के अनुसार) सलीम जावेद द्वारा शेयर किये गए वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ये दयाकुंडी प्रांत में बसे एक हज़ारा समुदाय के एक गाँव की वीडियो हैं।

इनमें स्थानीय हज़ारा लोग तालिबानी आतंकियों द्वारा मचाए गए उपद्रव के नज़ारे दिखा रहे हैं। अब तक आए समाचारों की मानें तो तालिबानियों ने पूरे गाँव को ही क्षतिग्रस्त कर दिया और आग लगा दी है।

इन आतंकियों ने मस्जिदों तक को आग के हवाले कर दिया। यही नहीं मुस्लिम समुदाय जिसे अपनी पाक किताब कहता है, इन तालिबानियों ने उस कुरान की भी कई प्रतियाँ जला डालीं।


मस्जिद और कुरान भी जलाईं 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक बूढ़े गाँव वाले को हालात बताते देखा जा सकता है। वह कह रहे हैं:

“इन लोगों (तालिबानियों) ने मस्जिद क्यों जलाई? वह तो अल्लाह का घर थी। उन्होंने पाक कुरान की प्रतियाँ भी जला डालीं।”

एक अन्य हज़ारा समुदाय के गाँव वाले ने भी अपना दुख बयान करते हुए आगे कहा:

“अपने 55 वर्ष के जीवन में मैंने आज तक एक भी पश्तून या किसी अन्य जनजाति के व्यक्ति को किसी प्रकार की ठेस नहीं पहुँचाई है। अफगानिस्तान के सभी लोग हमारे भाई हैं। वे लोग (तालिबानी) मेरा घर और फसल जलाने से अच्छा मुझे ही मार डालते।”


बता दें कि कुछ दिनों पहले तालिबानियों ने दयाकुंडी प्रांत में ही एक 17 वर्षीय बच्ची समेत 13 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। ये सभी लोग दयाकुंडी प्रांत की ही हज़ारा समुदाय से आते हैं। 



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