तालिबान ने की फेसबुक पर शिक्षकों का वेतन रोकने की आलोचना करने वाले इंजीनियर नावेद की हत्या

01 दिसम्बर, 2021
तालिबान ने एक फेसबुक पोस्ट के कारण इंजीनियर को जान से मारा (चित्र साभार- BBC)

इस्लामी आतंकी संगठन तालिबान ने एक फेसबुक पोस्ट में की गई अपने समूह की आलोचना को लेकर कंधार में सोमवार (29 नवंबर, 2021) को नवीद जान नाम के एक इंजीनियर की हत्या कर दी। नवीद ने पोस्ट में शिक्षकों को वेतन न देने के लिए तालिबान की आलोचना की थी। 

अगस्त माह से अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी संगठन तालिबान का शासन आने के  बाद से देश के हालात बेहद खराब हैं और अराजकता अपने चरम पर पहुँच चुकी है। इसका एक उदाहरण सोमवार को देखने को मिला जब एक व्यक्ति को केवल एक फेसबुक पोस्ट के कारण मौत के घाट उतार दिया गया। 

इस विषय में बताते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में, पत्रकार बशीर अहमद ग्वाख ने लिखा

“एक फेसबुक पोस्ट के लिए मार दिया गया: कंधार में इंजीनियर नवीद जान ने शिक्षकों को वेतन नहीं देने के को लेकर फेसबुक पर तालिबान की आलोचना की थी। उसके भाई ने बताया है कि तालिबान ने पूछताछ के दौरान उसे मार डाला। नंगरहार में भी इसी तरह की हत्याएँ हो रही हैं।”

बता दें कि इससे पहले तालिबान ने 4 सितंबर, 2021 को मध्य घोर प्रांत की राजधानी फिरोजकोह में एक महिला पुलिस अधिकारी बानू नेगर को भी मार डाला था। उसने तालिबान द्वारा घर घर जा कर किए जा रहे नरसंहार के दौरान मारा गया था।

यह महिला आठ माह की गर्भवती भी थी। मृत महिला की आयु 34 वर्ष थी, वह अफ़ग़ानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय में आपराधिक जाँच की उप प्रमुख थीं।

शरिया लागू करेंगे, देशभर में नरसंहार 

15 अगस्त, 2021 को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा करने के बाद से ही तालिबान ने पूरे देश में शरिया कानून लागू करना प्रारम्भ कर दिया है और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगा दिया है। उन्होंने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि वे देश में शरिया को सख्ती से लागू करेंगे।

सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद से ही, तालिबान ने अफगानिस्तान में कई इतिहासकारों, हास्य कलाकारों और गायकों को मार डाला था। 22 जुलाई को, अफगानिस्तान के प्रसिद्ध हास्य कलाकार नज़र मोहम्मद का कंधार प्रांत में उनके घर से ही अपहरण कर लिया गया था और बाद में तालिबानी आतंकियों ने उन्हें मार डाला।

हास्य कलाकार का शव पेड़ पर लटका मिला था। नज़र मोहम्मद के अपहरण का वीडियो भी सोशल मीडिया पर ख़ासा वायरल हुआ था। एक और भीषण घटना में, तालिबानी आतंकियों ने एक महिला को केवल इस कारण मार डाला था क्योंकि उसके द्वारा बनाया हुआ खाना इन्हें पसंद नहीं आया था। 



सहयोग करें
वामपंथी मीडिया तगड़ी फ़ंडिंग के बल पर झूठी खबरें और नैरेटिव फैलाता रहता है। इस प्रपंच और सतत चल रहे प्रॉपगैंडा का जवाब उसी भाषा और शैली में देने के लिए हमें आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं: