तालिबान ने कमर्शियल उड़ानें फिर शुरू करने के लिए भारत को लिखा पत्र

29 सितम्बर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
तालिबान की ओर से भारत सरकार को एक पत्र लिखा गया है

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सत्ता स्थापित होने के लगभग डेढ़ महीने बाद अफ़ग़ानिस्तान के सिविल एविएशन यानी हवाई यात्रा मंत्रालय ने भारत के सिविल एविएशन डायरेक्टरेट जनरल से पुनः दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा प्रारंभ करने की माँग की है। उन्होंने पुनः राजधानी दिल्ली से अफ़ग़ानिस्तान के लिए उड़ाने प्रारंभ करने को लेकर पत्र लिखा है।

15 अगस्त, 2021 को तालिबान द्वारा अफ़ग़ानिस्तान देश पर कब्ज़ा कर लिया गया था। इस आतंकी संगठन ने अमेरिकी सेनाओं को 31 अगस्त, 2021 तक का समय दिया, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने अपने सभी आर्मी कैंप हटाकर अफ़गानी भूमि को खाली कर दिया था। इसके बाद से ही इस देश पर आतंकी संगठन तालिबान द्वारा शासन किया जा रहा है।

विश्व के लगभग सभी देशों की तरह भारत ने भी 15 अगस्त के बाद से ही अफ़ग़ानिस्तान से सभी संबंध समाप्त से कर लिए थे और दोनों देशों के बीच विमान यात्राएँ भी रोक दी गई थीं। अब लगभग डेढ़ महीने बाद तालिबान ने कतर की मदद से देश के कई हवाई अड्डे पुनः चालू करा लिए हैं, जिनमें राजधानी काबुल का हवाई अड्डा भी एक है।

एरियाना अफ़ग़ान एयरलाइंस ने देश में घरेलू हवाई यात्रा प्रारंभ कर दी है। इसके साथ ही अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल और पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बीच 13 सितंबर, 2021 से अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्राएँ भी प्रारंभ हो गईं। बता दें कि फ़िलहाल काबुल से पाकिस्तान और ईरान, इन्हीं दो देशों में ही विमान आवाजाही कर रहे हैं।

भारत से भी लगाई गुहार

तालिबान द्वारा बनाई गई अफ़ग़ानिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने भारत के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) प्रमुख अरुण कुमार को इसी विषय में 7 सितंबर, 2021 को चिट्ठी लिखी। इसमें अफ़गानी मंत्री अलहाज हमीदुल्लाह अखूनजा़दा ने लिखा:

“इस पत्र का इरादा हमारे राष्ट्रीय वाहक (एरियाना अफ़गान एयरलाइन एवं काम एयर) के आधार पर दो देशों के बीच सुगम यात्री आवाजाही को बनाए रखना है, जिसका उद्देश्य उनकी निर्धारित उड़ानें शुरू करना है। इसलिए, अफ़ग़ानिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण आपसे उनकी वाणिज्यिक उड़ानों की सुविधा के लिए अनुरोध करता है।”

आगे पत्र में तालिबानी मंत्री ने लिखा कि अमेरिकी सैनिकों द्वारा उनकी वापसी से पहले काबुल हवाई अड्डे को क्षतिग्रस्त और निष्क्रिय कर दिया गया था, परंतु अब उन लोगों ने कतर की सहायता से हवाई अड्डे को एक बार पुनः चालू कर लिया है।

हालाँकि, तालिबान की ओर से की गई इस पहल का भारत ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। इसके पीछे आशंका यह जताई जा रही है कि भारत तालिबान के साथ अपने संबंधों को लेकर कूटनीति पर विचार कर रहा है।

बता दें कि अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के कब्ज़े से पहले भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच एयर इंडिया एवं स्पाइस जेट के विमान आवाजाही किया करते थे। जहाँ स्पाइसजेट ने गत वर्ष कोरोना महामारी के बाद से अपने विमान रोक दिए थे, वहीं एयर इंडिया का आखिरी विमान भी 15 अगस्त, 2021 को काबुल और भारत के बीच उड़ा था।



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