हिन्दू महिलाओं की अभद्र तस्वीरों वाले टेलीग्राम ग्रुप पर 'लिबरल' मौन, मंत्रालय ने बैन किए मगर अभी कोई गिरफ्तारी नहीं

05 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
आईटी मंत्री ने आश्वासन दिया है कि हिंदू महिलाओं को टारगेट करने वाले एकाउंट्स पर कार्रवाई होगी

बुल्ली बाई ऐप (Bulli Bai App) मामले में जाँच और गिरफ्तारी के बाद अब मोबाइल मैसेंजर ऐप टेलीग्राम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर कई ऐसे ग्रुप्स और चैनलों को रडार पर लेने के माँग उठ रही है, जहाँ हिंदू महिलाओं की तस्वीरें अभद्र टिप्पणियों के साथ साझा की जाती हैं। इस मामले में देश के केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुलिस प्रशासन से बातचीत करने और संज्ञान लेने की बात कही है।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बुल्ली बाई नामक ऐप चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। इस ऐप पर कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें साझा की जाती थीं, जिसके साथ उनकी बोली लगती थी और अभद्र टिप्पणियाँ होती थीं। इस मामले में संज्ञान लेते हुए मुंबई पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिनमें 2 लड़के और एक 18 वर्षीय लड़की शामिल हैं।

इस विवाद ने जब सोशल मीडिया पर तूल पकड़ा तो कई टेलीग्राम, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई ग्रुप्स और चैनल सामने आए जिन पर हिंदू महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणियाँ की जा रही थीं। यहाँ महिलाओं के एडिट की हुई तस्वीरें बिना उनकी अनुमति के अभद्र टिप्पणियों और गाली-गलौज के साथ साझा की जा रही थीं।



ट्विटर यूजर अंशुल सक्सेना ने इस विषय में ट्वीट करते हुए कई ऐसी वेबसाइट्स, ग्रुप और चैनलों की जानकारी ट्विटर पर साझा की। उन्होंने मुंबई पुलिस के साथ-साथ दिल्ली पुलिस और मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी इस विषय में संज्ञान लेने को कहा।

वैष्णव ने इस विषय में टेलीग्राम के एक ग्रुप के बारे में ट्वीट करते हुए कहा:

“यह चैनल ब्लॉक कर दिया गया है। भारत सरकार इस विषय में कार्रवाई करने के लिए राज्य पुलिस के साथ संपर्क कर रही है।”


रिपोर्ट्स की मानें तो मंत्रालय इस विषय में गिटहब, ट्विटर, दिल्ली पुलिस और मुंबई पुलिस के साथ मिलकर मामले में कार्रवाई का प्रयास कर रहा है।

ट्विटर पर ऐसे कई टेलीग्राम ग्रुप्स के स्क्रीनशॉट शेयर कर कार्रवाई की माँग की जा रही है, जिन्हें ले कर एक ‘निष्पक्ष’ वर्ग मौन है। चिंता की बात ये है कि इन महिलाओं और युवतियों के हिन्दू होने की वजह से इनके लिए ‘बुल्ली बाई ऐप’ की ही तरह आवाज नहीं उठाई जा रही।

अंशुल की ‘डू-पॉलिटिक्स’ से बातचीत 

बता दें कि अंशुल सक्सेना गत वर्ष से ही इस विषय में कार्य कर रहे हैं। सुल्ली डील्स मामले में हुए विवाद के समय सक्सेना ने डू-पॉलिटिक्स से एक्सक्लूसिव बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने कई ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के विषय में जानकारी दी थी, जहाँ मुस्लिम नाम से संचालित ग्रुप हिंदू लड़कियों के विषय में अभद्र संदेशों के साथ उनके तस्वीरें साझा करते हैं।


अंशुल समेत कई लोगों की इस विषय में यह माँग की है कि केवल ऐसे ग्रुप्स और चैनल्स को बैन कर देना काफी नहीं, इसके पीछे जो लोग हैं उन्हें सज़ा दी जानी चाहिए।

अंशुल और उनके कुछ साथियों ने इस मामले में वर्ष 2020 में एक मिशन चलाया था, जिसमें ऐसे करीब 117 अकाउंट ब्लॉक कराए गए थे। इनमें से कई एकाउंट्स पर भारत विरोधी गतिविधियाँ चल रही थीं। साथ ही कई पर कई हिंदू विरोधी गतिविधियों के साथ-साथ लड़कियों के एडिटेड चित्र साझा किए जा रहे थे।


इन सब को पर उस समय भी जाँच की माँग की गई थी, परंतु इस विषय में कोई खास कदम नहीं उठाया गया। अब बुल्ली बाई मामले के समय यह विषय फिर चर्चा में आया है और लोग इस विषय में कार्रवाई की उम्मीद रहे हैं।



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