‘हिंदू यूनिटी काउंसिल’ व इस्कॉन के ट्विटर अकाउंट बैन: हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों की देते थे जानकारी

20 अक्टूबर, 2021
ट्विटर ने दबाई बांग्लादेशी हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की आवाज़

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले और उनके मंदिर तोड़ने के बाद अब हिंदुओं की आवाज को सोशल मीडिया पर भी दबाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसी सिलसिले में, बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदुओं के अधिकारों की बात करने वाले ‘बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल’ (Bangladesh Hindu Unity Council) और इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple) के बांग्लादेशी अकाउंट को ट्विटर (Twitter) द्वारा निलंबित कर दिया गया है।

बीते दिनों दुर्गा पूजा के अवसर पर बांग्लादेश के चाँदपुर और कोमिला ज़िले में दुर्गा पूजा के पांडालों पर मजहबी भीड़ द्वारा आक्रमण किया गया। उन्होंने पांडालों में तोड़फोड़ मचाई और देवी दुर्गा की प्रतिमाओं को भी क्षतिग्रस्त किया।

इस घटना के 2 दिनों के बाद ही 15 अक्टूबर, 2021 को बांग्लादेश के ही नोआखाली क्षेत्र के इस्कॉन मंदिर को निशाना बनाया गया। यहाँ भी एक नृशंस भीड़ ने मंदिर पर आक्रमण किया और तीन भक्तों को मौत के घाट उतार दिया। 

इसके बाद हुई घटना में एक कट्टरपंथी भीड़ द्वारा हिंदुओं के 2 गाँवों को आग के हवाले कर दिया गया। इस मामले पर बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी प्रधानमंत्री शेख हसीना को निशाना बनाते हुए ट्वीट किया था।

इन सभी निर्मम घटनाओं के बाद बांग्लादेश समेत दुनिया भर के देशों में हिंदुओं द्वारा बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदुओं के मानवाधिकारों के लिए आवाज़ उठाई जा रही थी। इस्कॉन मंदिर द्वारा भी मामले को विश्व स्तर पर उठाया गया था और इस पर इस्कॉन ने संयुक्त राष्ट्र (UN) तक में गुहार लगाई थी। इन्हीं गतिविधियों से विचलित होकर सोशल मीडिया साइट ट्विटर द्वारा बांग्लादेशी हिंदुओं के कई हैंडल ट्विटर से निलंबित कर दिए गए।

ट्विटर द्वारा आवाज़ दबाने का प्रयास 

ट्विटर द्वारा इन घटनाओं की जानकारी देने वाले ट्विटर अकाउंट ‘बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल’ का हैंडल ट्विटर द्वारा हटा दिया गया। बता दें कि ये लोग बांग्लादेश में बसे अल्पसंख्यक हिंदुओं के मानवाधिकारों के मुद्दे उठाते हैं और कई मामलों में उनके लिए न्याय की माँग करते हैं।


इसके उपरांत ट्विटर द्वारा ‘इस्कॉन बांग्लादेश’ का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट भी सस्पेंड कर दिया गया।


इस मामले पर इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता एवं उपाध्यक्ष राधा रमन दास ने बांग्लादेश में कट्टरपंथी समूहों के साथ-साथ ट्विटर पर भी निशाना साधते हुए लिखा:

“पहले उन्होंने हमारे भक्तों को मारा और अब ट्विटर हमारी आवाज को भी मारना चाहता है।”

पूरे विवाद पर रक्षा मामलों के वरिष्ठ जानकार अभिजीत अय्यर मित्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि वे याद रखेंगे कि किस तरह ट्विटर द्वारा बांग्लादेशी हिंदुओं के बलात्कार और हत्या की बात करने वाले ट्विटर हैंडलों को निलंबित किया गया। इसे कभी नहीं भूला जाएगा।


इस मामले में सोशल मीडिया पर लोगों में भारी रोष है और वे इस्कॉन के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं। 



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