UP: फर्जी कागज बनाकर रोहिंग्याओं की घुसपैठ कराने वाले 2 मास्टरमाइंड गिरफ्तार

09 जून, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
यूपी एटीएस ने नूर आलम और आमिर हुसैन को गिरफ्तार किया है

भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में दो रोहिंग्याओं को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। इन अवैध घुसपैठियों ने जाली पहचान पत्र भी बनवा रखे थे।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंगलवार (8 जून, 2021) को जानकारी देते हुए बताया कि कि भारत में अवैध रूप से रह रहे दो रोहिंग्याओं को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। यूपी के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को गाजियाबाद के डासना में ये गिरफ्तारी की।

मास्टरमाइंड है नूर आलम

गिरफ्तार रोहिंग्याओं के नाम नूर आलम और आमिर हुसैन हैं। गिरफ्तार किया गया नूर आलम मास्टरमाइंड है, जो अवैध रूप से बांग्लादेश के रास्ते आमिर हुसैन को भारत लाया था। आलम ने हुसैन को आश्वासन दिया था कि वह उसे एक नकली भारतीय पासपोर्ट बनवा कर देगा।

एटीएस ने कहा कि आलम और हुसैन दोनों म्यांमार के रखाइन प्रांत के निवासी हैं। आलम एटीएस द्वारा 6 जनवरी को अवैध रूप से भारत मे रहने के आरोप में गिरफ्तार किए गए रोहिंग्या अजीमुल्ला का साला है।

आलम एक मास्टरमाइंड है जो अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश के रास्ते भारत में प्रवेश कराता है। फिर फर्जी कागजात बनाकर उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में बसा देता है।

एटीएस ने अपने बयान में कहा, “7 जून को शाम करीब छह बजे यूपी एटीएस ने नूर आलम उर्फ ​​रफीक और आमिर हुसैन को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया।”

जाली कागजात से घुसपैठ

बयान में कहा गया है कि आलम मेरठ में रह रहा था, जबकि हुसैन दिल्ली में खजूरी खास की श्रीराम कॉलोनी में रह रहा था। नूर आलम के पास से तलाशी में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) कार्ड और हुसैन के पास से 4,800 रुपए नगद बरामद किए गए।

आलम के पास से एक यूएनएचसीआर कार्ड के अलावा 65,680 रुपए नगद, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद हुआ है।

एटीएस ने बताया, “गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि उनसे उनके अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।”

जनवरी से थी मास्टरमाइंड नूर आलम की तलाश

बता दें कि एटीएस ने 6 जनवरी को संत कबीरनगर से एक रोहिंग्या अजीजुल्लाह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

एटीएस ने बताया कि अजीजुल्लाह की गिरफ्तारी के बाद से ही यूपी एटीएस उसके बहनोई नूर आलम उर्फ ​​रफीक की तलाश कर रही थी। अजीमुल्ला ने बताया था कि उसका बहनोई नूर आलम फ़र्ज़ी कागज़ात ले सहारे अवैध रूप से लोगों को भारत में प्रवेश कराता है।

एटीएस ने जानकारी देते हुए बताया कि आलम ही मुख्य मास्टरमाइंड है, जो सभी गिरफ्तार रोहिंग्याओं को भारत लाया था। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर से सूचना मिलने पर उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।

कौन हैं रोहिंग्या

रोहिंग्या म्यांमार में एक बंगाली भाषा बोली बोलने वाली एक मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय है।अपने देश में उत्पीड़न के बाद से बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेश के माध्यम से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे हैं।

इन रोहिंग्या मुस्लिमों ने देश के विभिन्न हिस्सों में शरण ले रखी है। राजनीतिक तुष्टिकरण और वोट बैंक के लालच के चलते नेताओं की सरपरस्ती में इनके जाली कागजात भी तैयार कर दिए जाते हैं। बंगाली भाषा बोलने के कारण ये अपनी पहचान छुपाने में भी कामयाब हो जाते हैं।



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