रेस्क्यू करने काबुल उतरा यूक्रेनी विमान गायब: ईरान ने कहा- तेल भराने आया था

24 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
दावा किया जा रहा है कि अफगानिस्तान में लोगों को रेस्क्यू करने पहुँचा यूक्रेन के एक विमान को हाईजैक कर लिया गया (प्रतीकात्मक चित्र)

अफगानिस्तान में अपने नागरिकों को को रेस्क्यू करने पहुँचे यूक्रेन के एक विमान को कथित तौर पर हाईजैक कर लिया गया है। विमान के अपहरण का दावा यूक्रेन सरकार के मंत्री ने किया है। हालाँकि अभी तक विमान हाईजैक करने वाले लोगों की जानकारी सामने नहीं आई है।

हालाँकि, रशियन मीडिया के हवाले से सामने आई इन ख़बरों पर यूक्रेन ने अफगानिस्तान में किसी भी विमान का हाईजैक होने से इनकार कर दिया है।

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से ही कई देश अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयासों में जुटे हैं। कई नागरिक और सैन्य विमान काबुल की धरती पर अपने नागरिकों को निकालने के लिए लैंड कर रहे हैं।

अफगान संकट के बीच एक सनसनीखेज दावे के अनुसार काबुल में अपने नागरिकों को लेने गया यूक्रेन के विमान अज्ञात लोगों द्वारा हाईजैक कर लिया गया है।

यूक्रेन सरकार में डिप्टी विदेश मंत्री येवगेनी येनिन (Yevgeny Yenin) ने मंगलवार (24 अगस्त, 2021) को जानकारी देते हुए दावा किया कि रविवार को हमारे प्लेन को अज्ञात लोगों द्वारा हाईजैक कर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को इस विमान को हाईजैक करने के बाद ईरान ले जाया गया है, जिसमें अज्ञात लोग सवार हैं। उन्होंने कहा कि उनके तीन अन्य निकासी प्लान भी सफल नहीं हो, पाए क्योंकि उनके लोग एयरपोर्ट तक नहीं पहुँच पाए थे।

डिप्टी विदेश मंत्री के मुताबिक, “पिछले रविवार को कुछ लोगों द्वारा हमारे विमान को हाईजैक कर लिया गया। हाईजैकर्स हथियारों से लैस थे और मंगलवार को ये विमान हम से गायब कर दिया गया। यूक्रेनी लोगों को एयरलिफ्ट करने के बजाय विमान में सवार कुछ लोग इसे ईरान ले गए।”

हालाँकि, मंत्री ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि विमान को क्या हुआ और क्या यूक्रेन इस विमान को वापस लाने की कोशिश करेगा। इसके अलावा, यूक्रेनी नागरिक काबुल से कैसे वापस आए और क्या इसके लिए दूसरा विमान भेजा गया था, जैसे सवालों के जवाब मंत्री ने नहीं दिए।

बता दें कि रविवार को 31 यूक्रेनी नागरिकों सहित 83 लोगों को लेकर एक सैन्य विमान अफगानिस्तान से यूक्रेन की राजधानी कीव पहुँचा। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि इस विमान के जरिए 12 यूक्रेनी सैन्यकर्मियों की स्वदेश वापसी हुई है।

इसके अलावा, विदेशी पत्रकारों और मदद माँगने वाले कुछ लोगों को भी बाहर निकाला गया है। जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान में अभी भी करीब 100 से अधिक यूक्रेनी नागरिक मौजूद हैं, जिनको निकालने की कोशिश की जा रही है।

ईरान ने किया खंडन

यूक्रेन के मंत्री के इस दावे के विपरीत ईरान के मंत्री अब्बास असलानी ने किसी विमान को हाईजैक करने की बात से इन्कार कर दिया। उन्होंने कि ये विमान नॉर्थ ईस्ट ईरान के मशहाद एयरपोर्ट पर आया था, लेकिन ये रिफ्यूलिंग के बाद यूक्रेन के लिए रवाना हो गया था और कीव एयरपोर्ट पर लैंड भी कर गया था।

तेहरान टाइम्स ने भी रशियन मीडिया के हवाले से किसी यूक्रेनी विमान के हाईजैक होने की घटना से इन्कार किया है। साथ ही दावा किया गया है कि यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भी यूक्रेन के किसी विमान के हाईजैक होने और इसे ईरान ले जाए जाने की बात का खंडन किया है।

तालिबान के कब्जे के बाद देश में ‘गृहयुद्ध’ का खतरा

बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से ही कई देश अपने नागरिकों को बाहर निकालने में जुटे हैं। तालिबान के भय के अलावा देश मे होने वाले संभावित गृहयुद्ध और खून खराबे के डर से भी लोग यहाँ से जल्द से जल्द निकल जाना चाहते हैं।

103 दिनों तक चले सँघर्ष के बाद भले ही 15 अगस्त को तालिबान के लड़ाकों ने काबुल पर कब्जा जमा लिया हो, लेकिन कई चुनौतियाँ अभी भी उनके सामने सीना ताने खड़ी है। राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़ने के बाद भी अफगानिस्तान में ही रुके उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने संविधान का हवाला देते हुए खुद को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया है।

इसके अलावा नॉर्दर्न अलायंस ने कुछ लोकल मिलिशिया के साथ मिलकर तालिबान के खिलाफ जंग छेड़ दी है। नॉर्दन अलायंस ने न सिर्फ तालिबान के कब्जे से अहम इलाकों को आज़ाद कराना शुरू कर दिया, बल्कि कई तालिबान आतंकियों को ढेर भी कर दिया है। इसके बाद देश मे गृह युध्द की संभावना प्रबल होने लगी है।

हाल ही में अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में तालिबानियों से कुल 3 ज़िले मुक्त कराने के बाद अब नॉर्दर्न अलायंस के अफगानी लड़ाकों ने 300 तालिबानी आतंकियों को मार गिराया था। बड़ी चुनौती पेश करते हुए इन स्थानीय लड़ाकों ने घात लगाकर इन तालिबानी आतकियों पर हमला किया था।

मारे गए आतंकियों को तालिबान के फसीहुद्दीन ऑफिजु़ल्ला के नेतृत्व में पंजशीर पर हमला करने और क्षेत्र को कब्ज़ाने के लिए भेजा गया था।

तालिबान की यह चाल स्थानीय लड़ाकों ने फेल कर दी। इन लड़ाकों का नेतृत्व अहमद मसूद एवं अफगानिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह द्वारा किया जा रहा है। सालेह ने ट्विटर के माध्यम से यह जानकारी साझा की और बताया कि तालिबानियों ने पंजशीर में दाखिल होने के लिए अपनी सेना छोड़ रखी है एवं एक दिन पहले ही बगलान प्रांत की अंदरब घाटी में लड़ाकों द्वारा घात लगाकर इन आतंकियों का सफाया किया गया है।

बता दें कि इससे पहले भी अफगानी बाग़ियों ने तालिबान के विरुद्ध हथियार उठाए थे और बानो, पोल-ए-हिसार एवं दे सालाह नामक ज़िलों को तालिबानियों के कब्ज़े से मुक्त करा लिया था। इन लड़ाकों ने मुठभेड़ में 40 तालिबानी आतंकियों को भी मार गिराया था एवं 15 से अधिक आतंकियों के घायल होने का भी समाचार आया था।



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