'अन्नदाता' के सामने फिर झुकी मोदी सरकार: अब पराली जलाना भी अपराध नहीं, NGT ने लगाई थी रोक

27 नवम्बर, 2021
देश में अब पराली जलाना अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा

तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों की एक बड़ी माँग भी स्वीकार कर ली है। देश में अब पराली जलाना अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पराली जलाने पर यह बड़ा एलान किया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को घोषणा की कि पराली जलाना अब अपराध नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह किसान संगठनों की बड़ी माँगों में से एक माँग थी कि पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर रखा जाए, इसलिए किसानों की यह माँग केंद्र सरकार ने मान ली है।

बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिसंबर, 2015 में पराली जलाने का प्रतिबंध लगा दिया था। पराली जलाने पर कानूनी दंडात्मक कार्रवाई भी की जाती थी। पराली जलाते पकड़े जाने पर दो एकड़ भूमि तक 2,500 रुपए, दो से पाँच एकड़ भूमि तक 5,000 रुपए और पाँच एकड़ से ज्यादा भूमि पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाता था।

कृषि मंत्री ने किसान संगठनों से अपील करते हुए कहा कि कृषि कानूनों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है अब किसान आंदोलन का कोई औचित्य नहीं बनता है। किसान बड़े मन का परिचय दें। प्रधानमंत्री की घोषणा का आदर करें और अपने-अपने घर लौटना सुनिश्चित करें।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि शीतकालीन सत्र के पहले दिन यानी 29 नवंबर को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के विधेयक को सूचीबद्ध कर दिया जाएगा। पीएम मोदी द्वारा तीनों कृषि कानून बिल को वापस लिए जाने की घोषणा के बाद मोदी कैबिनेट ने भी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

हमारे पास कुछ भी लिखित नहीं आया: किसान नेता चढूनी

इस बीच किसान आंदोलन की समाप्ति के लिए लगातार झुक रही मोदी सरकार के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के बाद भी किसानों का अड़ियल रुख बरकरार है किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि उनके पास पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने संबंधी कुछ भी लिखित में नहीं आया है।

किसान नेता ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के एमएसपी संबंधी बयान का हवाला देते हुए कहा कि अगर मनोहर लाल खट्टर ऐसा कह रहे हैं कि MSP देना संभव नहीं है तो हो सकता है कि वह हमें यहां से जाने नहीं देना चाहते हों, हो सकता है उनको इस आंदोलन को आगे भी चले रहने देने का मन हो।

दरअसलशुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा था कि मिनिमम सपोर्ट प्राइज (एमएसपी) की गारंटी देने वाला कानून बनाना संभव नहीं है, क्योंकि यदि किसानों के उत्पाद को कोई दूसरा नहीं खरीदता है तो सरकार पर ऐसा करने का दबाव बनेगा।



सहयोग करें
वामपंथी मीडिया तगड़ी फ़ंडिंग के बल पर झूठी खबरें और नैरेटिव फैलाता रहता है। इस प्रपंच और सतत चल रहे प्रॉपगैंडा का जवाब उसी भाषा और शैली में देने के लिए हमें आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं:

ताज़ा समाचार