अमेरिका ने लिया काबुल बम ब्लास्ट का बदला: ड्रोन हमले में मार गिराया IS-K का मुख्य साजिशकर्ता

28 अगस्त, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
अमेरिकी सेना ने मार गिराया इस्लामिक स्टेट का आतंकी सरगना

अमेरिका ने अफगानिस्तान में मौजूद इस्लामिक स्टेट (IS) के सरगना को एक ड्रोन हमले में मार गिराया है। बताया जा रहा है कि इस आतंकी की पिछले दिनों काबुल हवाई अड्डे पर हुए आत्मघाती बम धमाकों में एक अहम भूमिका थी।

अफगानिस्तान पर इस्लामी आतंकी संगठन तालिबान का कब्ज़ा होने के बाद से ही देश की हालत दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। लगभग हर दिन ही अफगानिस्तान से पत्रकारों, राजनयिकों एवं कई अन्य विदेशियों के भी अपहरण एवं मारे जाने की खबरें आ रही हैं।

इसी बीच बृहस्पतिवार (26 अगस्त, 2021) को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के हवाई अड्डे पर दो आत्मघाती बम विस्फोट किए गए। इस हमले में कई विदेशियों समेत अफगानी नागरिकों की भी जान चली गई।

जहाँ एक ओर अमेरिकी सेना के 13 जवान हमले में मारे गए वहीं 18 गंभीर रूप से घायल हुए। इसके साथ ही विभिन्न रिपोर्ट्स में आम नागरिकों के मरने की संख्या 170 से 200 तक बताई जा रही है।

इस हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट खुरासान का हाथ बताया जा रहा था। बता दें कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (IS) के कई अड्डे स्लीपर सेल के रूप में सक्रिय भी बताए जा रहे हैं। 


अमेरिकी सेना का प्रतिकार

इस हमले के एक दिन बाद ही संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा इस जघन्य घटना का बदला लेते हुए जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिका ने शनिवार (28 अगस्त, 2021) की सुबह ही पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में एक ड्रोन हमला किया।

इसमें इस्लामिक स्टेट (IS) के एक सरगना को मार गिराया गया है। मामले की जानकारी देते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कप्तान बिल अर्बन ने कहा:

“अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में मानव रहित ड्रोन हमला किया गया है। शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि हमने लक्ष्य को मार गिराया है। हमले में अब तक किसी भी आम नागरिक को क्षति पहुँचने की सूचना नहीं मिली है।”

रिपोर्ट के अनुसार मध्य पूर्व के एक अज्ञात बेस से एक रीपर ड्रोन ने उड़ान भर के लक्ष्य को चिन्हित किया एवं उसे मार गिराया। जिस समय हमला हुआ उस समय वह व्यक्ति अपने एक सहयोगी के साथ गाड़ी में बैठा था। हमले में दोनों के मारे जाने की खबर है।

बता दें कि बृहस्पतिवार को हुआ काबुल हवाई अड्डे का हमला अमेरिका के लिए एक भीषण आघात था। वहीं बताया जा रहा है कि काबुल में स्थित अमेरिकी एंबेसी ने इस हमले की आशंका होने को लेकर अपने लोगों को सूचित करते हुए काबुल हवाई अड्डे के दरवाजों से तुरंत दूर जाने के लिए आगाह भी किया था 

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि अभी भी काबुल हवाई अड्डा संपूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं है। हालाँकि हमले के अगले दिन से ही अमेरिका ने पुनः अपने लोगों को देश से निकालना प्रारंभ कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने अगले ही दिन हवाई अड्डे पर भारी भीड़ एवं कई अमेरिकी जहाज़ उड़ते देखे थे।



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