योगी सरकार ने तैयार किया जनसंख्या नीति का ड्राफ्ट: जानिए क्या हैं फायदे और नुकसान

10 जुलाई, 2021
योगी सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून को जल्द ही लागू कर सकती है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के लिए बिल (Population control bill) तैयार किया जा रहा है। बिल में दो या उससे कम बच्चे होने वाले परिवारों के लिए विशेष लाभ (Incentives) देने की बात कही गई है। सूत्रों की मानें तो 11 जुलाई को जनसंख्या दिवस पर यह बिल जल्दी ही प्रस्तावित किए जाने की संभावना है। 

इस मसौदे के अनुसार 2 से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरियों में आवेदन से वंचित किए जाने का भी प्रस्ताव है। यही नहीं, ऐसे लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सब्सिडी से भी किनारे किया जा सकता है।

135 करोड़ से अधिक जनसंख्या रखने वाले भारत में लंबे समय से जनसंख्या नियंत्रण कानून की माँग उठाई जा रही है। ऐसे में देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश द्वारा इसके विषय में विचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में शासित योगी सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण बिल पर तेज़ी से कार्य किया जा रहा है।

परिवारों को मिलेंगी विशेष सुविधाएँ

दो बच्चों के कानून का पालन करने वालों को सरकार द्वारा कई लाभ दिए जाने का विचार है। इसमें ऐसे परिवारों को घर बनाने या खरीदने के लिए कम दरों पर लोन एवं आवश्यक सेवाओं जैसे कि बिजली, पानी, हाउस टैक्स जैसी चीजों में छूट मिलने की बात कही गई है।

मेटरनिटी एवं पैटरनिटी लीव के साथ-साथ मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा तथा जीवनसाथी के बीमा कवरेज की भी सुविधाएँ दी जाएँगी।


इसके साथ ही जो लोग एक बच्चे को जन्म देते हैं, उन्हें दो अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी। उन्हें मुफ्त चिकित्सा तथा बच्चे के 20 वर्ष का होने तक बीमा की सुविधा दी जायेगी। इसके साथ ही अकेले बच्चे को उच्च शिक्षा में आसानी से दाखिला मिलने की भी संभावनाएँ बढ़ाई जाएँगी।

इस बिल में यह सुविधाएँ केवल सरकारी कर्मचारियों को नहीं अपितु राज्य के सभी नागरिकों को प्रदान की जाएँगी। इसके साथ ही अगर कोई दो बच्चों के कानून की सुविधाएँ लेने के बाद इसका उल्लंघन करता है तो उसके सभी वर्तमान लाभों को छीन कर उस पर कार्रवाई किए जाने के भी मानक रखे गए हैं। 

बहु-विवाह वालों के लिए नियम

अगर इस बिल में उन समुदायों की बात की जाए जिनमें बहु-विवाह वाद की छूट होती है, तो ऐसे में एक आदमी तथा उसकी एक पत्नी से हुई संतानों को ही एक परिवार माना जाएगा।

प्रस्तावित बिल में ऐसे मामलों को लेकर उदाहरण देकर कुछ ऐसे रूप में समझाया गया है।


जस्टिस मित्तल ने बताया कि सभी सुझावों इत्यादि पर विचार करके बिल तैयार किया गया है, जिसे अगले दो से तीन सप्ताहों में प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बिल अगस्त तक पूरा होकर सामने आ जाएगा।

नियम तोड़ने वालों के लिए कानून

बिल में 2 बच्चों के नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए भी प्रावधान बताए जा रहे हैं। इन नियमों को तोड़ने वालों को दिए जा रहे कई सरकारी लाभों को छीना जा सकता है, जिसमें कई सरकारी सुविधाएँ तथा उनके राशन कार्ड की सीमा को 4 लोगों तक सीमित कर देना की बात कही जा रही है। ऐसे अभिभावकों पर स्थानीय चुनावों तथा सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन पर भी कड़ाई की जाएगी।

बता दें कि इससे पहले असम के नए मुख्यमंत्री हिमांता बिसवा सरमा ने जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर महत्वपूर्ण बातें कही थी। उन्होंने राज्य एवं देश में भी लोगों को जनसंख्या नियंत्रण करने पर ज़ोर दिया था तथा भविष्य में असम में भी इससे संबंधित कानून बनाने की बात कही थी।



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