उत्तराखंड: BJP से निकाले जाने के बाद हरक सिंह ने कॉन्ग्रेस पे डाले 'डोरे' तो 'हरदा' से भी पड़ी लताड़

17 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
हरक सिंह रावत के कॉन्ग्रेस में शामिल होने को लेकर हरीश रावत का बयान

कई दिनों से बगावती स्वर अपनाए हुए उत्तराखंड सरकार में भाजपा के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत को रविवार शाम पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है। पार्टी पर टिकट के लिए दबाव बनाने के आरोप में 6 वर्ष के लिए निष्काषित किए जाने के बाद हरक सिंह की ओर से आने वाले विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस का समर्थन करने का बयान आया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कॉन्ग्रेस की सरकार बनेगी।

इस विषय में अब कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने हरक सिंह रावत के कॉन्ग्रेस में आने की बात को नकारते हुए कहा कि पार्टी इस पर कई मुद्दों को देखते हुए निर्णय लेगी।

अगले माह उत्तराखंड समेत देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस अवसर पर जहाँ उत्तर प्रदेश से रोज़ ही राजनीतिक उठापटक के समाचार आ रहे हैं। वहीं पड़ोसी राज्य उत्तराखंड भी इसमें पीछे नहीं है। सोमवार (17 जनवरी, 2022) की सुबह भाजपा के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत पार्टी से निकाले जाने का बाद बागी स्वर बोलते देखे गए।

उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी ने उन्हें निकाल दिया तो वे घर बैठने वाले व्यक्ति नहीं हैं, वे कफन बाँधकर राजनीति करते हैं। उन्होंने आगे कहा:

“उत्तराखंड का भविष्य यह है कि कॉन्ग्रेस की सरकार पूर्ण बहुमत से आ रही है। कॉन्ग्रेस के साथ बातचीत होगी और मैं कॉन्ग्रेस में जाऊँगा। बिना सम्मिलित हुए भी मैं कॉन्ग्रेस की सरकार लाने के लिए काम करूँगा।”

इस विषय में जब उत्तराखंड कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत से बातचीत की गई तो उन्होंने इस पर बयान दिया:

“भाजपा द्वारा निकाले गए मंत्री हरक सिंह अब तक कॉन्ग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं। पार्टी हर तरह से विचार करने के बाद ही इस विषय में निर्णय लेगी।”

कॉन्ग्रेस छोड़ने की गलती स्वीकार है? 

अपने बयान में उन्होंने हरक सिंह रावत पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि अगर हरक सिंह रावत अपनी कॉन्ग्रेस पार्टी छोड़ने की गलती को स्वीकार करते हैं तो वे कॉन्ग्रेस पार्टी में उनका स्वागत करेंगे।


उन्होंने आगे यह भी कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी में किसी को लेने का निर्णय पार्टी लीडरशिप का है और अभी द्वारा उनसे (हरीश रावत) इस विषय में कोई परामर्श नहीं लिया गया है। अगर उनसे परामर्श लिया जाएगा तो वे अपनी बात सामने रखेंगे।

सोमवार सुबह उत्तराखंड राज्य की कैबिनेट से बर्खास्त होने के बाद हरक सिंह रावत मीडिया के सामने ही रोने लगे थे और उन्होंने कहा था कि पार्टी ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले उनसे बात तक नहीं की।

बता दें कि हरक सिंह रावत पहले कॉन्ग्रेस पार्टी से ही जुड़े हुए थे और वे वर्ष 2017 में कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। भाजपा ने 5 सालों तक उन्हें मंत्री पद पर भी रखा था।



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