हरिद्वार धर्म संसद: 'नफरत फ़ैलाने' के आरोप में उत्तराखंड पुलिस ने जितेंद्र नारायण त्यागी पर दर्ज की FIR

24 दिसम्बर, 2021 By: DoPolitics स्टाफ़
हरिद्वार में भड़काऊ भाषण को लेकर जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार जिले में हुई एक धर्म संसद में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने और नफरत फैलाने के आरोप लगाते हुए वसीम रिज़वी से जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी बने पूर्व शिया वक्फ बोर्ड प्रमुख के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले में जानकारी देते हुए ट्वीट किया।

कुछ समय पूर्व गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की अगुवाई में वरिष्ठ वकील और पूर्व शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिज़वी ने इस्लाम पंथ त्याग कर हिंदू धर्म में घरवापसी की थी।

इस अवसर पर उन्होंने डू-पॉलिटिक्स से विशेष बातचीत भी की थी और बताया था कि वे कट्टरपंथ के कारण इस्लाम त्याग रहे हैं। इसके बाद से ही वे हिन्दू नाम रखकर धर्म के प्रचार-प्रसार के कई कार्यों में नज़र आए थे।


हाल ही में उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में ‘धर्म संसद’ नामक एक धार्मिक सभा का आयोजन हुआ था, जिसमें यति नरसिंहानंद समेत हिंदुओं के कई वरिष्ठ साधु-साध्वियाँ पहुँचे थे। इस अवसर पर जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी भी इस सभा में पहुँचे और उन्होंने मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अपने विचार सामने रखे।


इसी के चलते उत्तराखंड पुलिस ने उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज की है और उन पर एक खास पंथ के विरुद्ध नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया:

“सोशल मीडिया पर धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने संबंधी वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेते हुए वसीम रिज़वी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी एवं अन्य के विरुद्ध कोतवाली हरिद्वार में धारा 153A IPC के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है और विधिक कार्यवाही प्रचलित है।”

AIMIM के लोगों ने की शिकायत 

बता दें कि इस मामले में  शिकायत एआईएमआईएम उत्तराखंड द्वारा दर्ज कराई गई है और इस अवसर पर पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करते हुए यह माँग भी की कि वे इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई चाहते हैं।


ओवैसी के पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई इस शिकायत में कहा गया कि इस धर्म संसद में मुसलमानों और ईसाइयों के विरुद्ध हिंसा को भड़काने का काम किया गया और क्रिसमस और ईद के त्योहार किसी होटल में मनाए जाने पर होटल को तहस-नहस करने जैसी धमकियाँ दी गईं।

इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने कहा कि धर्म संसद में दिए गए भाषणों में अस्त्र-शस्त्र उठाने की बात भी कही गई। एआईएमआईएम ने अपनी शिकायत में इसी के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की है।

उत्तरी हरिद्वार भूपतवाला स्थित वेद निकेतन धाम में 17 से 19 दिसंबर तक धर्म संसद का आयोजन किया गया था। इसमें जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर व गाजियाबाद डासना में देवी मंदिर के परमाध्यक्ष स्वामी यति नरसिंहानंद, जितेंद्र नारायण त्यागी, हिंदू रक्षा सेना के अध्यक्ष स्वामी प्रबोधानंद गिरि, स्वामी आनंदस्वरूप, साध्वी अन्नपूर्णा, धर्मदास आदि शामिल हुए।

बता दें कि वसीम रिज़वी जिस समय इस्लाम पंथ में थे तब भी उन्हें कई इस्लामी संगठनों के लोगों द्वारा धमकियाँ दी जाती रही हैं। रिज़वी ने मुस्लिम समुदाय द्वारा पाक मानी जाने वाली कुरान की 26 आयतों को लेकर न्यायालय में एक याचिका दायर की थी और इन आयतों को कुरान से हटाने की माँग की थी। उनका कहना था कि ये आयतें कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देती हैं।

न्यायालय द्वारा रिज़वी की यह याचिका खारिज कर दी गई थी और इसके साथ ही उन पर ₹50 हज़ार का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद से ही कई कट्टरपंथी समूह रिज़वी की जान के पीछे पड़े थे और उन्हें गला काटने जैसे धमकियाँ तक दी जा रही थीं।



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