विशाल जूद मामले में नया मोड़: खालिस्तानियों ने हमला कर खेला था 'विक्टिम कार्ड', FIR दर्ज

09 सितम्बर, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
ऑस्ट्रेलियन 'किसान रैली' में विशाल जूद पर हुआ था जानलेवा हमला

ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी साजिश के शिकार विशाल जूद मामले में एक नया खुलासा सामने आया है। मामले में विशाल के पक्ष ने उनके ऊपर हुए जानलेवा हमले को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। विशाल पर 6 दिसंबर, 2020 को क्वेकर्स हिल क्षेत्र में एक कथित किसान समर्थक समूह द्वारा हमला किया गया था।

इस वर्ष के अप्रैल माह से ऑस्ट्रेलिया की एक जेल में भारत का 24 वर्षीय विशाल जूद नामक युवक कैद है। इस युवक पर ऑस्ट्रेलिया के खालिस्तानी गिरोह के लोगों ने हथियार रखने और उन पर हमला करने जैसे आरोप लगाए थे।

इसी मामले को लेकर इन लोगों ने अपने रसूख का उपयोग कर विशाल को जेल में भी डलवा दिया गया था। इसके बाद न तो उनकी ज़मानत हो रही थी न हीं उनके साथ जेल में उचित व्यवहार किया जा रहा था।

डू-पॉलिटिक्स की टीम द्वारा इस मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे विवाद की तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की गई थी, जिसके बाद हरियाणा सरकार द्वारा मामले को तूल दिया गया और गृहमंत्री अमित शाह तक यह बात पहुँचाई गई।

अब 9 सितंबर, 2021 को विशाल के लोगों ने उस पर किए गए हमले को लेकर क्वेकर्स हिल क्षेत्र के पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें सबूतों के साथ यह बताया गया है कि 6 दिसंबर, 2020 को उन पर जानलेवा हमला किया गया था।

किसान रैली में किया हमला 

दरअसल 6 दिसंबर को क्वैकर हिल क्षेत्र के राइट रिजर्व में एक किसान सभा आयोजित की गई थी। विशाल भारतीय होने के नाते सभा में तिरंगा लेकर पहुँचे। इस सभा में लोगों ने विशाल के साथ धक्का-मुक्की एवं मारपीट तक की और कुछ लोगों ने तो उन्हें हथियारों से मारने का प्रयास भी किया।


पूरे मामले को लेकर कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए है। इस जघन्य घटना को अंजाम देते हुए इन सभी आरोपितों ने इस हमले की वीडियो बनाकर टिकटॉक पर साझा की थीं। इनमें साफ़ देखा जा सकता है कि ये भीड़ विशाल पर किस प्रकार हमला कर रही है।

शिकायत में यह भी लिखा गया कि चित्र में उपस्थित एक व्यक्ति ने अपने टिक-टॉक अकाउंट पर यह स्वीकार किया कि उन्होंने विशाल के साथ मारपीट की थी। साथ ही वीडियो में भी देखा गया कि लोगों ने विशाल को ज़मीन पर गिरा कर कई लातें भी मारीं। कई आरोपितों की तस्वीरें तक सामने आई हैं, जिन्होंने विशाल पर हथियारों से हमला किया था।



पूरे मामले को लेकर ‘ओपल लीगल’ नामक संस्था ने विशाल की तरफ से शिकायत दर्ज कराई है और प्रशासन के समक्ष यह मॉंग प्रस्तुत की है कि अब तक आरोपितों के विरुद्ध कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा है कि वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द मामले में न्याय मिले और सभी आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें दंड दिया जाए।

बता दें कि डू-पॉलिटिक्स की टीम द्वारा इस मामले पर गहन रिपोर्टिंग करने के बाद हरियाणा सरकार और उसके उपरांत गृहमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया था और बताया जा रहा है कि 15 अक्टूबर को विशाल जूद की रिहाई हो सकती है।



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