बंगाल: RSS स्वयंसेवक की मॉब लिंचिंग, TMC के मजहबी गुंडों पर हत्या का आरोप

06 मई, 2021 By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़
बंगाल में आरएसएस कार्यकर्ता बलराम की मॉब लिंचिंग में मौत

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले से शुरू हुई हिंसा चुनाव नतीजों के बाद पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है। अब तक कई भाजपा समर्थक औऱ आरएसएस के कार्यकर्ता इस हिंसा की बलि चढ़ चुके हैं। इस राजनीतिक हिंसा की कड़ी में कल बुधवार (मई 5, 2021) रात निशाना बने बलराम माँझी।

पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान जिले के श्रीपुर गाँव (पोस्ट-केतुग्राम) निवासी 22 वर्षीय बलराम माँझी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य थे। परिजनों का आरोप है कि यह हत्या तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने की है। आरोप है कि बलराम की मॉब लिंचिंग करने वाले सभी तृणमूल कार्यकर्ता विशेष समुदाय से ताल्लुक रखते थे।

मृतक बलराम माँझी

स्थानीय लोगो का कहना है कि यहाँ तृणमूल कार्यकर्ताओं की आड़ में समुदाय विशेष के लोग हिन्दुओं को निशाना बना रहे हैं। यह बात भी कही जा रही है कि पिछले दिनों हुई बलात्कार की घटनाओं में भी विशेष समुदाय के तृणमूल पार्टी के ही गुंडे शामिल थे।

बंगाल में जारी हैं भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या, बलात्कार की घटनाएँ

बंगाल में हिंदुओं की लगातार हो रही इन श्रृंखलाबद्ध हत्याओं और बलात्कार की घटनाओं से एक बड़ी बात उभर कर सामने आती है कि ये हत्याएँ या खूनी खेल केवल एक व्यक्ति या परिवार को डराने धमकाने या भयभीत करने के लिए नहीं की जा रही हैं। इन हत्याओं का तरीका इतना पाशविक और निर्ममता से भरा होता है ताकि आस-पास के पूरे हिंदू समाज में ही डर और भय व्याप्त हो जाए।

आरएसएस कार्यकर्ता बलराम माँझी की हत्या को ही देखिए, वहाँ जिस प्रकार एक 22 वर्षीय नौजवान की बेरहमी से पीट-पीटकर और धारदार हथियारों से हत्या की गई थी ये अतीत में हुए ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ की ही पुनरावृत्ति लगती है। क्या बंगाल में माहौल सच मे इतना जहरीला है कि जरा सी राजनैतिक असहमति और हिन्दू होने की वजह से लोगो को मारा जा रहा है, या इसके पीछे योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है?

किसी चोर की पिटाई में हुई अकस्मिक मौत पर पर तूफान ला देने वाले धर्म निरपेक्ष लोगों के लिए हिंदुओं की इन हत्याओं का कोई मोल नहीं है। राजनीति की आड़ में धार्मिक हिंसा का शिकार हो रहे इन हिंदुओं के मानवाधिकार कहाँ हैं?

इससे पहले भी बंगाल से लगातार रेप से ले कर लूट औऱ हत्या की खबरें आती रही हैं। बंगाल में टीएमसी की जीत के बाद भाजपा समर्थकों के खिलाफ भड़की हिंसा में कई जगहों पर लूटपाट, आगजनी के बाद भाजपा कार्यकर्ता से सामुहिक बलात्कार की खबर सामने आई थीं।

पूर्वी मिदनापुर, खजूरी थानांतर्गत सुपर्णा दास (बदला हुआ नाम) का पूरी रात सामुहिक बलात्कार किया गया था। भाजपा कार्यकर्ता सुपर्णा दास बाराताला, मालदा की रहने वाली हैं।

बताया जा रहा है कि सुपर्णा दास के साथ रातभर सामुहिक बलात्कार करने के बाद बेहोशी की हालत में ही उनके मुँह में ज़हर दे कर खेत में फेंक दिया गया। पीड़िता के साथ हुए बलात्कार और हिंसा के बारे में पता चलने पर उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। तामलुक अस्पताल के बाहर भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई है।

बुधवार (मई 05, 2021) दोपहर तक अस्पताल के बाहर लोगों ने इकठ्ठा हो कर हंगामा किया, जिसके बाद वहाँ पर भारी मात्रा में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। डू-पॉलिटिक्स के पास पीड़िता की तस्वीर मौजूद हैं लेकिन वो इतनी भयावह हैं कि हम उन्हें दिखा नहीं सकते।

उल्लेखनीय है कि इस से पहले भी दो पोलिंग एजेंट के सामूहिक बलात्कार की खबरें आई थीं, लेकिन उसे बाद में पुलिस की बातों को आधार बना कर तमाम लोगों ने नकार दिया।



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