बंगाल: बुजुर्ग महिला की टाँग तोड़ी, बमबाजी जारी… अपराध: भाजपा को समर्थन

12 मई, 2021 By: पुलकित त्यागी
विधान सभा चुनावों के परिणाम आने के बाद से ही हो रही है बंगाल में भीषण हिंसा

बंगाल की ममता बनर्जी सरकार द्वारा राज्य में हो रही भीषण हिंसा पर पर्दा डालने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कलकत्ता हाईकोर्ट भी राज्य सरकार की प्रशंसा के पुल बाँध चुकी है। जबकि इसी बंगाल में एक के बाद एक भाजपा समर्थकों, खासकर हिंदुओं पर अत्याचार तथा भीषण हमलों की घटनाएँ सामने आ रही हैं और कोई उन्हें सुनने तक के लिए राजी नहीं है।

भाजपा समर्थक की गैराज पर हमला, लगातार रखी जा रही है नजर

राजधानी कोलकाता के बारानगर में रहने वाले 48 वर्षीय सुब्रता रॉय बताते हैं कि किस प्रकार 4 मई 2021 की रात लगभग 12:30 बजे 25 से 30 हथियारों से लैस गुंडों ने उनके घर पर आक्रमण किया।

‘डू-पॉलिटिक्स’ से बात करते हुए सुब्रता रॉय ने बताया कि वे जीवन यापन के लिए गैराज चलाते हैं। उन्होंने बताया कि राजनीतिक गुंडों द्वारा उनकी गैराज में तोड़फोड़ की गई। आधी रात को सुब्रता रॉय की गैराज में घुसकर 8 चौपहिया तथा 7 दुपहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। 

सुब्रता रॉय हृदय रोगी हैं। वे बताते हैं कि उनका किसी से व्यक्तिगत बैर नहीं है, दोष था तो केवल इतना कि उन्होंने बंगाल चुनावों में भाजपा का समर्थन किया था तथा कुछ रैलियों में शामिल हुए थे।

इसी कारण कथित तौर पर तृणमूल के गुंडों द्वारा उनके एकमात्र जीवनयापन के साधन, उनके गैराज को क्षत-विक्षत कर दिया गया। उनका कहना है कि कुछ लोग उनकी गैराज से कुछ दूर बैठकर लगातार उन पर नजर बनाए हुए हैं ताकि वो किसी अन्य से संपर्क ना कर सकें।

सुब्रता रॉय ने बताया कि उन्होंने गत 4 मई की रात्रि को ही पुलिस में FIR भी कराई जिसके बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है परंतु अभी तक सुब्रता रॉय को प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक मदद नहीं प्राप्त हुई है।

4 मई के उपद्रव से पहले 18 अप्रैल को तृणमूल के गुंडों द्वारा रॉय के साथ मारपीट भी की गई थी। क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप मंडल तथा रघुनाथ मंडल को घटना के बारे में बताने के बाद उन्हें भाजपा से यह आश्वासन मिला की घटना की जानकारी दिलीप घोष तक पहुँचाई जाएगी तथा उनकी पूरी सहायता की जाएगी। रॉय को आज भी भाजपा से मदद की उम्मीद है।  

बुजुर्ग महिला पर हमला

अगली घटना खनबेरिया, कोलकाता से है तथा इससे भी अधिक भयावह एवं निर्मम है। बताया जा रहा है कि भाजपा समर्थक एवं हिन्दुओं के खिलाफ आतंक फैलाते समय तृणमूल के गुंडे न तो महिला और पुरुष का भेद कर रहे हैं, ना ही उनकी आयु। उनका निशाना सिर्फ और सिर्फ नाम और उस नाम में छिपा धर्म है।

इलाके की एक बूढ़ी महिला द्रिपाती मंडल पर निर्ममता पूर्वक हमला किया गया जिसमें उनकी टाँग तोड़ दी गई।

पीड़िता का अपराध केवल इतना था कि उनके पुत्र मंगल मंडल में भी बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन किया था। जिसका परिणाम उसकी वृद्ध माँ को भुगतना पड़ा। 

द्रिपाती मंडल द्वारा हमें अपनी एक्स-रे रिपोर्ट भी दिखाई गई, जिस से स्पष्ट होता है कि उनके पैर पर हमला कितना भयानक था और वर्तमान में उनका अस्पताल में इलाज चल रहा हा।

भाजपा समर्थक महिला के घर पर बमबारी

कोलकाता के तेतुलतला में रहने वाली एक महिला ने हमें वीडियो बनाकर अपनी आपबीती के बारे में बताया है। वीडियो में महिला बता रही हैं कि उनके घर पर बमों से आक्रमण किया गया है, तथा वह अपने पति और बच्चों के साथ घर में बंद हैं।

पीड़िता ने बताया कि बिल्डिंग के अन्य पड़ोसी भी उन्हें घर से निकाल देना चाहते हैं ताकि वे लोग किसी तरह TMC के गुंडों के इस आतंक से बच सकें। महिला रोते हुए प्रशासन से मदद की गुहार लगा रही हैं। हमारे पास पीड़िता द्वारा बनाया गया वीडियो मौजूद है परन्तु सुरक्षा कारणों से यहाँ पोस्ट नहीं किया जा रहा।  

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में 2 मई 2021 के बाद ऐसी अनेक भयावह वारदातें हुई हैं जिन्हें न तो मुख्यधारा के मीडिया न ही केंद्र सरकार द्वारा सकारात्मक तूल दिया जा रहा है।

वहीं, एक ओर जहाँ ममता बनर्जी पीड़ितों को मुआवज़ा देने की बात कहती है तो दूसरी ओर उनकी पार्टी न्यायालय में कहती है कि पश्चिम बंगाल में तो कोई हिंसा हुई ही नहीं है और यहाँ हालात एकदम सामान्य हैं।

इन सब असत्य के पुलिंदों को सुनकर कोलकाता हाईकोर्ट भी ममता बनर्जी की सराहना करता है एवं कहता है कि राज्य सरकार द्वारा हिंसा को बहुत परिपक्वता से नियंत्रित किया गया।  

परंतु इस सब के बीच ऐसे कई सुब्रता रॉय तथा द्रिपाती मंडल हैं, जो राजनीतिक गुंडों के आतंक का शिकार रोजाना ही बन रहे हैं। उस पर भी बड़ी बात यह है कि उनकी मदद ना ही प्रशासन कर रहा है, ना ही मीडिया उनकी बातें कर रहा है। जिस पार्टी के वे समर्थक हैं, उनके द्वारा मात्र आश्वासन के इन लोगों को अभी तक भी कोई विशेष सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है।



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