बुल्ली बाई: 18 वर्षीय श्वेता ने कैंसर से खोई माँ, COVID में पिता का भी निधन, पुलिस ने कहा- पैसों के लिए कोई कर रहा हो बच्ची को इस्तेमाल

05 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
'बुल्ली बाई ऐप' मामले में पुलिस अब तक 3 गिरफ़्तारियाँ कर चुकी है

पिछले कुछ दिनों से ‘बुल्ली बाई’ नामक मोबाइल ऐप (Bulli Bai App) चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि इस मोबाइल ऐप के जरिए कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं की बोली लगाई जा रही थी। मुंबई सायबर पुलिस स्टेशन ने ऐप के अज्ञात डेवलपर्स और इसे बढ़ावा देने वाले ट्विटर हैंडल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

इस मामले के तूल पकड़ते ही मुंबई पुलिस ने हाल ही में 3 गिरफ्तारियाँ की हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ भी सकती है। इनमें एक इंजीनियरिंग के छात्र, एक बीएससी के छात्र के अलावा एक 18 वर्षीय ऐसी लड़की भी शामिल है, जिसने अपनी माँ को कैंसर की बीमारी के चलते खोया और पिता को कोरोना महामारी में।

हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘महिलाओं की सुरक्षा’ को लेकर एक मुद्दा खासा वायरल हुआ जो ‘बुल्ली बाई’ नामक ऐप के विषय में था। इस ऐप में कथित तौर पर कई मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें और उनके सोशल मीडिया से संबंधित जानकारियाँ साझा की गईं और उनके प्रति अभद्र शब्दावली का भी उपयोग किया गया।

ट्विटर पर मामला खासा गरमा जाने के बाद शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस विषय में केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से संज्ञान लेने का आग्रह किया था, जिस पर वैष्णव ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस को आगे की जाँच के आदेश दिए थे। 


मंगलवार (6 जनवरी, 2022) को मुंबई पुलिस ने इस विषय में पहले बेंगलुरु से एक 21 वर्षीय विशाल नामक इंजीनियरिंग के छात्र को गिरफ्तार किया और बाद में मामले में एक लड़की के शामिल होने की बात भी सामने आई। जाँच में आगे पुलिस ने उत्तराखंड की श्वेता नामक 18 वर्षीय लड़की को भी हिरासत में ले लिया।

4 जनवरी को मुंबई पुलिस ने बिहार के रहने वाले विशाल कुमार झा (21) को मुंबई की एक अदालत में पेश भी किया, जहाँ उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। विशाल बेंगलुरु में सिविल इंजीनियरिंग के दूसरे साल में पढ़ाई कर रहा है।

गिरफ्तारियों के सिलसिले में एक और नाम सामने आया है। यह नाम है उत्तराखंड मूल के ही एक युवक मयंक रावत (21) का। मयंक उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार से हैं और वर्तमान में दिल्ली के जाकिर हुसैन कॉलेज में बीएससी का छात्र है।

मुंबई पुलिस की साइबेर सेल को जानकारी मिली थी कि मंयंक रावत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से समुदाय विशेष की महिलाओं की फोटो पोस्ट की और उनकी बोली लगाई।

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कोटद्वार रेलवे स्टेशन पर मयंक रावत, उन्हें जल्द ही मुंबई ले जाया जाएगा

18 वर्षीय श्वेता ने COVID महामारी में खोए पिता, माँ की कैंसर से गई थी जान

जहाँ विशाल इंजीनियरिंग के दूसरे साल में पढ़ रहा है, वहीं दूसरी आरोपित श्वेता फिलहाल इंजीनियरिंग एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी कर रही है। श्वेता को उत्तराखंड राज्य के उधम सिंह नगर से गिरफ्तार किया गया। उसकी माँ की कैंसर से पहले ही मृत्यु हो चुकी है और गत वर्ष श्वेता ने कोरोना महामारी में अपने पिता को भी खो दिया था।

श्वेता की दो बहनें और एक भाई है, जिनमें बड़ी बहन कॉमर्स की पढ़ाई कर चुकी है व छोटी बहन और एक भाई फिलहाल स्कूल में हैं। 

श्वेता के परिवार के पास मुख्य रूप से आय का कोई स्रोत नहीं है। ये लोग कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों के लिए चलाई जा रही ₹3000 की वात्सल्य योजना से ही जीवन व्यतीत कर रहे थे। इसके साथ ही उन्हें ₹10,000 सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की ओर से दिए जाते थे, जहाँ उनके पिता काम कर रहे थे।

उत्तराखंड पुलिस ने भी श्वेता को लेकर अपने बयान में कहा है कि एक 18 साल की बच्ची का ऐसे अपराध में पकड़ा जाना इस ओर भी इशारा करता है कि शायद उसने पैसों के लिए ऐसा किया हो।

उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस ने बताया कि श्वेता सिंह नाम की युवती को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने शुरुआती जानकारी के आधार पर बताया कि श्वेता तीन अकाउंट संचालित कर रही थी। फिलहाल उसके एक ही अकाउंट के बारे में जानकारी मिल सकी है। ट्विटर के जरिये उसने समुदाय विशेष की महिलाओं की बोली लगवाई थी।

श्वेता की गिरफ्तारी को लेकर उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा:

“बुल्ली बाई एप मामले में उत्तराखंड से जिस लड़की को गिरफ्तार किया गया है, वह एक गरीब परिवार से आती है और उसके पिता की भी मृत्यु हो चुकी है। ऐसा प्रतीत होता है कि वह इस प्रकार की गतिविधियों में पैसों के लिए शामिल हुई।”


श्वेता पर आरोप है कि वह ‘JattKhalsa07’ के नाम का फर्जी ट्विटर हैंडल चला रही थीं, जिससे वह आपत्तिजनक तस्वीरें और कमेंट साझा करती थीं। बताया जा रहा है कि इस मामले में ऐसी विचारधारा रखने वाले अन्य कई लोग भी जुड़े हुए हो सकते हैं।

पुलिस ने श्वेता और विशाल, दोनों के आपस में संबंधित होने के साथ-साथ यह भी दावा किया है कि यह ये लोग इस कृत्य में अन्य कई समान विचारधारा रखने वाले लोगों से भी जुड़े थे। पुलिस ने विशाल को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जिसके बाद न्यायालय ने पुलिस से आगे की जाँच में विशाल के कमरे की छानबीन करने के भी आदेश दिए हैं।

पूरे मामले को लेकर विशाल के वकील ने कहा कि विशाल पूरी तरह निर्दोष है और उसे जानबूझकर फँसाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं मुंबई पुलिस ने मामले को लेकर आईपीसी की धारा 153A, 153B, 295A, 509, 453D और 500 के तहत मामला दर्ज किया है।

नेपाल कनेक्शन का दावा

इस पूरे घटनाक्रम में पड़ोसी देश नेपाल को लेकर भी एक कड़ी जुड़ रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है की बुल्ली बाई ऐप मामले का मुख्य आरोपित नेपाल में बैठा हुआ है।


भारत में इस मोबाइल ऐप को लेकर जैसे ही गिरफ्तारियाँ शुरू हुईं, ट्विटर पर @giyu44 के नाम से हैंडल रखने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि इस मामले में श्वेता और विशाल की गिरफ्तारी गलत है और उसने इन्हें निर्दोष बताते हुए इस मामले का दोष अपने सर लिया है। 

इसने ट्विटर पर यह भी लिखा:

“मुझे अपने आप से घिन आ रही है। पुलिस द्वारा रैंडम लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है जिन्होंने कुछ नहीं किया। बुल्ली बाई ऐप का मुख्य आरोपित मैं हूँ। मैं मुंबई पुलिस से स्वयं को गिरफ्तार करने का अनुरोध करता हूँ।”

रितेश झा को बेवजह बनाया गया निशाना?

पूरे मामले में रितेश झा नामक युवक को भी फँसाने के साक्ष्य सामने आ रहे हैं। दरअसल रितेश को कुछ समय पहले हुए ऐसे ही एक मामले सुल्ली डील्स के विषय में घेरने का प्रयास किया गया था, जिसमें जावेद नामक एक व्यक्ति की आरोपित के रूप में गिरफ्तारी हुई थी।


उस समय पुलिस ने यह साफ किया था कि रितेश का सुल्ली डील्स ऐप से कोई लेना देना नहीं है और अब बुल्ली बाई के मामले में वामपंथियों का एक धड़ा पुनः रितेश झा को निशाना बना रहा है।

रितेश ने सोशल मीडिया पर कई बार यह दावा किया है कि उसकी बेवजह ही ‘डॉक्सिंग’ की गई, उसका करियर खराब किया गया और उसके सभी यूट्यूब चैनल्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। बुल्ली बाई ऐप में हुई गिरफ्तारियों के बाद रितेश झा अपने लिए न्याय माँग रहे हैं।

सुल्ली डील्स नामक पूरे षड्यंत्र के पीछे 23 वर्ष के जावेद आलम का हाथ सामने आया था। पुलिस की जाँच में या हसंने आय था कि इंजीनियरिंग का छात्र था जावेद, हिंदुओं को बदनाम करने के लिए साजिश रच रहा था।



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