बुल्ली बाई ऐप: नेपाल में बैठे असली मास्टरमाइंड ने बताई ऐप बनाने की वजह, श्वेता को बताया निर्दोष- रिपोर्ट

06 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
बुल्ली बाई ऐप मामले में 3 गिरफ्तारियों के बाद एक ट्विटर यूजर ने दावा किया है कि ऐप के पीछे का मास्टरमाइंड वह है

बुली बाई (Bulli Bai) नाम से गिटहब ऐप (GitHub) पर कुछ ऐसी तस्वीरों को शेयर किया गया है, जिसके चलते एक बार फिर विवाद खड़ा चुका है। दरअसल आरोप है कि गिटहब ऐप पर ‘बुली बाई’ नाम से अज्ञात समूह द्वारा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों को कथित तौर पर नीलाम किया जा रहा है।

बुल्ली बाई ऐप मामले में पुलिस ने मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप में तीन छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस का आरोप है कि 18 साल की लड़की श्वेता ही इस मामले की मास्टरमाइंड थी।

हालाँकि, मीडिया पोर्टल ‘नियो पॉलिटिको’ द्वारा दावा किया गया है कि उनकी गहन पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि इस ऐप का मास्टरमाइंड भारत के पड़ोसी देश नेपाल का है।

‘बुल्ली बाई ऐप’ के कथित डेवलपर का दावा है कि उसने अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण का मजाक उड़ाने वाली महिलाओं को ही सबक सीखाने के लिए ऐप बनाई थी। साथ ही, यह भी कहा है कि- ‘बेगुनाहों को परेशान करना बंद करो, वरना बुल्ली बाई 2.0 के लिए तैयार रहो’।

पुलिस को निशाना बनाते हुए @giyu44 ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया है। यूजर ने कहा है कि आपने गलत व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें जल्द से जल्द रिहा करें। 


नियो पॉलिटिको की जाँच टीम ने मामले की पड़ताल की है और हर संभव कोण से जाँच करने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि रिपोर्टर्स ने OSINT का उपयोग करते हुए बुली बाई ऐप से सम्बंधित सबसे पहला ट्वीट खोजने की कोशिश की, जो ट्विटर पर किया गया था।

जाँच टीम ने पाया है कि पहला ट्वीट यूज़र नेम @sage0x11 अकाउंट से किया गया था, जिसे अब ट्विटर ने बैन कर दिया है। एक अकाउंट @bullibai_ को क्राइम ब्रांच ने ट्रेस किया था, जिसके सिर्फ 6-7 फॉलोअर्स थे। वे फॉलोवर थे, @jatkhalsa7, @sage0x11, @copingmeme, और @hmmachaniceoki।

इनमें से आखिरी वाला @hmmachaniceoki विशाल का निजी खाता था, जो उसने सिख व्यक्ति के रूप में बनाया था। @hmmachaniceoki एकमात्र ऐसा एकाउंट था जिसकी भारत से पहुँच थी और जो सिख बताया गया। विशाल के अकाउंट से बुल्ली बाई ऐप को लेकर कोई ट्वीट नहीं किया गया।

चूँकि अकाउंट में बहुत कम फॉलोवर थे इसलिए क्राइम ब्रांच को लगा कि यह डेवलपर हो सकता है। विशाल ने कृषि कानूनों को ट्रोल करने के लिए अपने बायो को खालिस्तानी अकाउंट में बदल लिया था।

Neo Politico ने BB ऐप को विकसित करने के लिए इस्तेमाल किए गए ईमेल का पता लगाया

ऐप नवंबर में बनाया गया था जिसे हाल ही में लॉन्च किया गया था। डेवेलपर ने नाम न बताने की शर्त पर कई राज खोले। सोर्स मेल के रूप में vedxdd@protonmail.com का उपयोग करके Gitbug पर अकाउंट बनाया गया था।

यह सोर्स कोड है जिसका उपयोग ऐप बनाने के लिए किया गया था। नियो पॉलिटिको का दावा है कि उनके पास उन सभी महिलाओं के डेटा हैं, जिनकी तस्वीरों का इस ऐप में इस्तेमाल किया गया था। हालाँकि, वो इसे किसी अगली जाँच तक गोपनीयता के चलते सार्वजानिक नहीं करना चाहते हैं। सभी महिलाओं का डेटा हासिल करने के लिए कुल 102 ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल किया गया।

नियो पॉलिटिको के पास बुल्ली बाई ऐप के डेटा में सूचीबद्ध सभी उपयोगकर्ता के नामों का विवरण है। दरअसल ऐप डेवलपर ने अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण का मजाक उड़ाने वाली महिलाओं को ही ट्रोल करने के लिए ऐप बनाई थी।

ऐप पर हंगामे के बाद भारतीय कंप्यूटर रिस्पांस टीम ने गिटहब से डेवलपर की डिटेल माँगी है। जानकारी बाद में शेयर कर दी गई। GitHub की नीतियों के अनुसार, वे अपने उपयोगकर्ताओं को सरकार द्वारा माँगी गई सूचनाओं के बारे में सूचित करते हैं।

श्वेता को क्यों गिरफ्तार किया गया?

पुलिस ने बुलीबाई ऐप के ट्विटर अकाउंट के ऑफिशियल अकाउंट के फॉलोअर्स के आधार पर विशाल झा को गिरफ्तार किया है। श्वेता विशाल के संपर्क में थी। इसलिए पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

कौन है मास्टरमाइंड

एक आदिवासी नेपाली डेवलपर जो अपना नाम Giyu बताता है, वह BB ऐप का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसके पास GitHubअकाउंट का भी विवरण मौजूद है। नियो पोलिटिको टीम का दावा है कि बुल्ली बाई ऐप में हुई गिरफ्तारियाँ फर्जी हैं और उनके पास GitHub खाते में लॉगिन करने के लिए उपयोग किए जाने वाले पासवर्ड सहित सभी एक्सेस हैं।



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