चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल पूरे होने पर जश्न मनाने दिल्ली पहुँचे सीताराम येचुरी और डी राजा

29 जुलाई, 2021
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के समारोह में शामिल हुए भारत के वामपंथी नेता

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एवं डीएमके के नेता चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (Chinese Communist Party/CCP)के 100 साल पूरे होने के उत्सव समारोह में शामिल हुए। इनमें कई बड़े वामपंथी नेता जैसे, सीताराम येचुरी, डी राजा एवं सेंथिल कुमार जैसे वरिष्ठ सांसद भी शामिल थे। ये लोग जश्न मनाने के लिए राजधानी दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में पहुँचे थे।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने कुछ दिनों पूर्व अपनी पार्टी के जन्म के 100 वर्ष पूर्ण किए। जहाँ इस मौके पर चीन में एक बड़ा समारोह हुआ था, तो वहीं भारत में बुधवार (28 जुलाई, 2021) को इस मौके पर चीनी दूतावास द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित कराया गया। कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही आयोजित कराया गया था।

सीपीआई-डीएमके के वरिष्ठ नेता शामिल

भारत-चीन के आपसी रिश्ते खराब होने के कारण एक ओर भारत सरकार एवं प्रशासन द्वारा इस मौके पर चीनी सरकार और पार्टी को बधाइयाँ देने से भी बचा गया था, वहीं दूसरी ओर चीनी दूतावास द्वारा मनाए गए इस ऑनलाइन कार्यक्रम में कई भारतीय वामपंथी पार्टियों के नेता शामिल हुए। 


इसमें कई बड़े नेता जैसे, सीपीआई (मार्क्सिस्ट) के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी एवं सीपीआई के जनरल सेक्रेटरी डी राजा थे। इनके साथ ही डीएमके के सांसद सेंथिल कुमार एवं सेंट्रल कमेटी ऑफ़ ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के जी देवराजन भी समारोह में शामिल थे।

चीनी राजदूत ने इस समारोह में बताया कि पूरे विश्व के 170 देशों एवं 600 राजनीतिक समूहों से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को बधाई संदेश आए थे, जिनमें भारत की सीपीआई-सीपीआईएम भी शामिल थीं।

गत वर्ष गलवान घाटी क्षेत्र में हुए भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच विवाद पर बोलते हुए चीनी दूत ने कहा कि दोनों देशों ने विवाद के बाद गलवान घाटी और पेंगोंग लेक क्षेत्र से अपनी सेनाएँ पीछे खींच ली थीं। चीन द्वारा आगे कहा गया कि भारत और चीन को इन सभी मामलों को एक व्यापक नज़रिए से देखते हुए शांति के साथ नियंत्रित करना होगा।

बता दें कि पहले भी भारत की सीपीआई और सीपीएम जैसी वामपंथी पार्टियों के चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी सरकार से संबंध सामने आते रहे हैं।

बॉर्डर पर चीनी गतिविधियाँ जारी

जहाँ एक ओर चीनी राजदूत भारत में भारत और चीन की शांति से वार्ता करने के बाद की पैरवी करते हैं, वहीं चीन की सेना गलवान मुठभेड़ के बाद भी कई बार सीमा पर आक्रामक रुख दिखा चुकी है।

चीन विवाद के बाद भी कई बार लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के बहुत समीप देखा गया है तथा भारत-चीन सीमा पर चीनी सेना ने कई हथियार भी स्थापित किए हैं।



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