झारखंडः 'BJP कार्यकर्ता' की मॉब लिंचिंग, पत्थर से पीट पीट कर पत्नी के सामने मारा, 150 से ज्यादा ग्रामीणों पर FIR

05 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
झारखंड में मॉब लिंचिंग का मामल सामने आया है

झारखंड में सिमडेगा जिले के कोलेबिरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेसराजरा बाजार के समीप मंगलवार को ग्रामीणों की भीड़ ने गाँव के ही संजू प्रधान नामक व्यक्ति की पत्थर और लाठियों से पीटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव भी आग के हवाले कर दिया।

एसडीपीओ डेविड ए डोडराय ने बताया कि ग्रामीणों की भीड़ ने लकड़ी तस्करी का आरोप लगाकर संजू प्रधान नामक एक व्यक्ति को घर से निकाल कर पहले पत्थरों से हमला किया और फिर लाठियों से पीट पीट कर हत्या कर दी और इसके बाद आग के हवाले कर दिया। हत्या के दौरान मृतक की पत्नी रो-रो कर पति को छोड़ने की भीख माँगती रही।

एसडीपीओ डेविड ए डोडराय ने बताया कि यह भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) जैसी घटना है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद मृतक के अधजले शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटना को गम्भीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जाँच कर कानून के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हमलावर हुई भाजपा

प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने घटना की निंदा करते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला है और कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन वास्तव में झारखंड में जमीन पर कानून का शासन है ही नहीं।

भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मण बड़ाईक ने कहा कि मृतक पूर्व माओवादी था, जो कुछ समय पहले ही जेल से छूटकर आया था। हिंसा का रास्ता छोड़ वह लकड़ी का व्यापार कर रहा था और वर्तमान में वह भाजपा का सक्रिय सदस्य था। उन्होंने बताया कि वह बूथ स्तर का कार्यकर्ता था।

पेड़ों की कटाई का आरोप लगा कर की मॉब लिंचिंग

रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शी रहे ग्राम प्रधान सुबन बूढ़ ने बताया कि संजू पारंपरिक खूंटकटी नियम का उल्लंघन करते हुए पेड़ों की कटाई करता था। इस बाबत वन विभाग को भी सूचित किया गया था, लेकिन विभाग ने शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और संजू भी पेड़ों की कटाई करता रहा।

इसी मामले को लेकर एक गाँव मे पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने उसे मौत की सजा सुनाई जिसके बाद संजू को उसके घर के पकड़ कर पंचायत स्थल पर लाया गया। पंचायत में पेड़ों की कटाई किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उसने इन्कार किया मगर भीड़ हिंसक हो गई और भीड़ ने संजू के साथ मारपीट करते हुए उसे जला दिया।

उन्होंने बताया कि 32 वर्षीय संजू घटनास्थल से महज 100 मीटर दूर बेसराजरा में ही घर बनाकर रह रहा था। वह मूलरूप से बंबलकेरा पंचायत के छपरीडीपा का रहने वाला था। घटना के वक्त संजू की पत्नी भी वहाँ मौजूद थी। उसने लोगों को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन भीड़ ने उसकी आँखों के सामने ही पति को मारकर जला दिया।

बता दें कि खूंटकटी प्रथा के तहत जनजातीय समाज द्वारा जंगल के पेड़ों को काटकर खेती योग्य भूमि बनाई जाती थी। इसमें कुछ वन एवं रैयती भूमि भी आती है। खूंटकटी पर लगान वसूलने का अधिकार खूंटकटी राजाओं को मिलता था। अगर कोई व्यक्ति गाँव के प्रधान की इजाजत के बिना पेड़ काटता है तो इसे नियम विरुद्ध माना जाता है।

पुलिस को मुश्किल से मिला अधजला शव

इधर घटना के बाद मौके पर पहुँची पुलिस को भी ग्रामीणों ने रोक दिया। हालाँकि बाद में कोलेबिरा के साथ-साथ ठेठईटाँगर, बानो की पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों को समझाया। इसके उपरांत अग्निशमन विभाग भी मौके पर पहुँचा और जलती चिता पर पानी डालकर बुझाया। फिर पुलिस ने अधजले शव को जब्त किया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के समय मौके पर करीब एक हजार लोगों की भीड़ थी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की भीड़ पहले संजू को घर से बुलाकर ले गई जिसके बाद उस पर पत्थर और लाठी से हमला किया और फिर लकड़ी की ढेर में आग लगा कर उसे जला दिया।

13 नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर FIR

पुलिस ने बताया कि गाँव में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट पर सिमडेगा के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं राज्य पुलिस को मामले की जांच कर कानून-सम्मत कार्रवाई करते हुए सूचित करने का निर्देश दिया है।

इस बीच पुल‍िस ने इस मामले में 13 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। अब पुल‍िस फोटो और वीडियो के आधार पर आरोपितों की पहचान कर रही है। पुल‍िस के अनुसार अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।



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