मणिपुर: चुनाव से पूर्व 2 भाजपा नेताओं की गोली मार कर हत्या, पार्टी ने की निंदा

11 जनवरी, 2022 By: DoPolitics स्टाफ़
मणिपुर में चुनावों की घोषणा होते ही दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या

मणिपुर राज्य में चुनावों की घोषणा होने के साथ ही राजनीतिक हिंसा प्रारंभ हो गई है। राज्य से भाजपा के 2 सदस्यों की गोली मारकर हत्या का समाचार सामने आया। राज्य के इंफाल के वांगोई विधानसभा क्षेत्र में अबूजाम जॉन और अबूजाम तोंबा कि अनजान लोगों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों ही राज्य के कृषि मंत्री ओ लुखोई के समर्थक थे।

हाल ही में चुनाव आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में अगले माह होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा की। मणिपुर राज्य से चुनावों की घोषणा होते ही रविवार (9 जनवरी, 2022) को दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या का समाचार आया है।

रिपोर्ट्स की मानें तो कुछ लोगों के समूह ने दोनों पार्टी कार्यकर्ताओं पर रविवार रात में माचू सिनेमा हॉल के पास हमला किया जहाँ छाती में गोली लगने के कारण जॉन की मौके पर ही मृत्यु हो गई, वहीं तोम्बा को घायल स्थिति में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने अगली सुबह दम तोड़ दिया।


पूरे मामले को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए मणिपुर के मंत्री और क्षेत्रीय विधायक ओ लुखोई ने बताया:

“रविवार को करीब 9:00-9:30 बजे जॉन और निशिकांत की अज्ञात लोगों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमें हमले के पीछे का कारण नहीं पता परंतु यह अत्यंत निंदनीय है। इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। यह तो साफ नहीं है कि यह एक राजनीतिक हत्या है परंतु इस क्षेत्र के लोग उनके निधन के कारण दुख में हैं। मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें उनके राजनीतिक संबंधों के कारण ही मारा गया है।”

आगे मंत्री लुखोई ने यह भी बताया कि जॉन भाजपा के एक मेहनती और ईमानदार कार्यकर्ता थे और मुख्यमंत्री बिरेन सिंह ने यह आश्वासन दिया है कि आरोपितों को जल्द ही पकड़ा जाएगा।

मृतकों के परिवार से मिले मुख्यमंत्री 

बता दें कि जॉन वांगोई के विधायक के सक्रिय कार्यकर्ता थे और तोम्बा मणिपुर पुलिस विभाग में हवलदार थे। दोनों की हत्या के बाद मणिपुर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया और हत्याओं के विरुद्ध आंदोलन भी किया।

सोमवार को लोग सड़कों पर उतर आए और यातायात की आवाजाही को भी रोक दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह सोमवार की सुबह दोनों मृतकों के परिवारों से मिलने पहुँचे और उन्होंने यह वादा किया है कि सरकार तब तक चुप नहीं बैठेगी जब तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता। घटना के विरुद्ध शिकायत दर्ज हो चुकी है और जाँच प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है।

बता दें कि मणिपुर में अक्सर चुनावी मौसम में इस प्रकार की राजनीतिक हत्याएँ और हिंसा होती हैं। हाल ही में चुनाव आयोग ने मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च को दो चरणों में मणिपुर की 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा की है। इनके परिणाम 10 मार्च, 2022 को आएँगे।



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