भारत के 2 टुकड़े कर ईसाईयों को मिलना चाहिए अलग देश: पादरी उपेंद्र राव

30 अगस्त, 2021
ईसाइयों के लिए अलग देश की माँग कर रहा है आंध्र प्रदेश का पादरी उपेंद्र राव

आजादी के 75 वर्षों बाद धर्म के आधार पर भारत के विभाजन की माँग एक बार फिर उठी है। इस बार यह माँग विशाखापत्तनम की एक यूनिवर्सिटी के पादरी ने की है। उपेन्द्र राव नाम का यह पादरी ‘बाइबिल ओपन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल’ के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात है।

ईसाई धर्म के आधार पर अलग देश माँग रहे पादरी उपेंद्र राव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो भारत को दो हिस्सों में बाँटने की माँग करते देखा और सुना जा सकता है।


उपेन्द्र राव कहता है:

”हम प्रिय नेता पीडी सुंदर राव के नेतृत्व वाली ‘अखिल भारतीय सच्ची ईसाई परिषद’ (आल इण्डिया ट्रू क्रिश्चियन काउंसिल) की ओर से माँग करते हैं कि भारत को दो भागों में बाँट दिया जाए और ईसाइयों को एक अलग देश के रूप में आधा देश दिया जाए।”


तेलंगाना-महाराष्ट्र में संगठन सक्रीय 

यह विवादित वीडियो ‘एससी/एसटी राइट्स फोरम’ ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। इसमें पादरी कहता है देखा जा सकता है कि विभाजन के बाद वे लोगों को परेशान नहीं करेंगे। यह वीडियो 24 अगस्त, 2021 को साझा किया गया था।

बता दें कि पादरी के उपेंद्र राव कथित तौर पर अखिल भारतीय सच्चे ईसाई परिषद के राज्य स्तर के तेलंगाना और महाराष्ट्र राज्य के प्रमुख भी हैं। 

यह विवादित वीडियो वायरल होने के बाद जब एआईटीसीसी के फेसबुक को छाना गया तो यह सामने आया कि इस व्यक्ति का फेसबुक पेज वर्ष 2019 से लगभग बंद है, परन्तु  उससे पहले के पोस्ट देखें तो यह पता चलता है कि संगठन ने कुछ कार्यक्रमों की तस्वीरें पोस्ट की हुई हैं। 

मिशनरियों का बढ़ता वर्चस्व 

भारत के कई राज्यों में पंथ परिवर्तन और ईसाई पंथ का यह धंधा पहले से ही फैला हुआ है। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश इसके कई उदाहरण हैं। कई मिशनरी तरह-तरह के पैंतरे अपना कर गरीबों और आदिवासियों को अपना शिकार बना रही हैं। अंधविश्वास के माध्यम से भी यह धंधा खूब फल-फूल रहा है। बता दें कि पुलिस पहले भी इसी तरह के मामले में तीन पादरियों के विरुद्ध मामले दर्ज कर चुकी है। 

ये पादरी बच्चों को अनाथ बताकर सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें पोस्ट किया करते थे। बाद में उन पोस्ट्स के माध्यम से पैसे जुटाए जाते थे। इस गिरोह का खुलासा गत माह कृष्णा ज़िले के ठुकलूर के ग्रामीणों द्वारा किया गया था। इसकी कार्रवाई में एक पादरी को हिरासत में ले भी लिया गया, परन्तु अन्य दो भागने में सफल हो गए।



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